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अग्रसेन भवन में सामोहिक विवाह का कार्यक्रम कल

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हेमंत सुत्रधार
रांची : अग्रसेन भवन का माहौल बेहद भावुक है। अवसर है सामूहिक विवाह का। दरअसल, महाराजा अग्रवाल सभा के द्वारा 26वां सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन में ऐसे जोड़ों की आपस में शादी हो रही है, जो कल तक बेहद आम थे लेकिन आज वे खास हो गए हैं। शुक्रवार को अग्रसेन भवन में सात जोड़ों की शादी होने वाली है। गुरुवार को उसी की तैयारी हो रही थी। इस सामूहिक शादी के लिए गुरुवार को हल्दी और मेहदी का कार्यक्रम रखा गया था। भवन का माहौल पूरी तरह भावुक था। गुरुवार को सामूहिक विवाह के लिए वधुओं को हल्दी लगाई जा रही थी। हल्दी रस्म के दौरान कई जोड़ों की आंखों से धारा प्रवाह आंशू बह रहे थे। पूछने पर एक वधू ने कहा ये आंशू दुख के नहीं आनंद के आशूं हैं।

जिन लड़कियों की हो रही है शादी
सुमति कुमारी, रानीगंज की रहने वाली है। आठवी तक की पढ़ाई की है। सुमति कुमारी को यह नहीं पता है कि उसके माता-पिता कब और कैसे मरे। अनाथ सुमति कुमारी का कोई भाई-बहन भी नहीं है। उसे पड़ोसी ने पाला है और अब वह बालीग हो चुकी है तो उसकी शादी हो रही है। सुमति की शादी पड़ोस की भाभी करा रही है। भाभी और सुमति दोनों भावुक हैं। भाभी ने बताया कि सुमति के माता-पिता कब मरे इसकी जानकारी हमलोगों को भी नहीं है लेकिन लड़की बेहद अच्छी है इसलिए हमने पहल किया है और आज वह दिन आ गया जिस दिन का इंतजार हर लड़की करती है। सुमति खुश है लेकिन उसकी आंखों से आशू बह रहे हैं। पूछने पर सुमति ने बताया कि यह आंशू दुख के नहीं आनंद के आंशू हैं। मैंने तो कभी सोचा भी नहीं था कि हमारी शादी होगी लेकिन मुझे बढ़िया लड़का मिला है। सुमति का होने वाला पति रामगढ़ में चाय की दुकान करता है। लड़का भी खुश दिख रहा था। सुमति अपने मां-बाबा को याद कर बार-बार भावुक हो रही थी।

सुषमा के पिता कूली का काम करते हैं। वह पटना, मोकामा, बिहार की रहने वाली है। पिता सुधीर साहू जब कुछ कमाकर आते थे तभी सुषमा के घर का चुल्हा चलता था। बेहद गरीबी में पली-बढ़ी सुषमा भी बेहद भावुक है। वह बार-बार यही कह रही थी कि मुझे मेरी मंजिल मिल गयी। होने वाला पति रांची में किसी निजी कंपनी में काम करता है।

पूजा, नालंदा बिहार की रहने वाली है। पिता, वीरेन्द्र प्रसाद गुप्ता मजदूरी करते हैं। पूजा की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। पूजा का परिवार टाटा में रहता है और उसका होने वाला पति भी टाटा में ही रहता है। पूजा आज खुश है। उसका कहना है कि शादी का बंधन अटूट होता है। हमारे लिए यह घड़ी बेहद महत्वपूर्ण है। हमने सोचा भी नहीं था कि हमें इतना बढ़िया घर मिलेगा और इतने अच्छे तरीके से हमारी शादी होगी।

सावित्री बाई, 68 साल की हैं। गुरुवार की सुबह से ही सावित्री, उन लड़कियों को मेहदी लगा रही हैं, जिसकी शुक्रवार को शादी होने वाली है। दरअसल, सावित्री यही काम करती है। सावित्री का एक बेटा है लेकिन वह किसी काम का नहीं है। बहु मर चुकी है लेकिन उसने अपने पीछे दो छोटे-छोटे बच्चे छोड़ गए हैं। सावित्री मेहदी लगाकर अपना और अपने परिवार का पेट पाल रही है। सावित्री बताती है कि उसे समाज से कोई सहयोग नहीं मिला लेकिन कुछ लोगों ने सहारा दिया है। सावित्री 12 साल की उम्र से मेहदी लगा रही है। इस कला में वह पारंगत है। सावित्री भी बहुत खुश है। उसे लगता है कि भगवान ने इन लड़कियों का भाग्य बदल दिया है। उसने बताया कि वह विगत 55 सालों से मेहदी का काम कर रही है।

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गुरुवार को संपन्न कार्यक्रम
गुरुवार अपराहन 3:00 बजे हलदात रस्म सह गणेश पूजन का विधिवत कार्यक्रम महाराजा अग्रसेन भवन में संपन्न हुआ। पूजन कार्य, अचार्य श्यामसुंदर भारद्वाज के सानिध्य में विघ्नहर्ता सिद्धिविनायक श्री गणेश का आह्वान कर संपन्न कराया।

मुख्य संयोजक भागचंद पोद्दार ने कहा कि कल 8 नवंबर को सभी वैवाहिक कार्यक्रम प्रात: 9:00 बजे से प्रारंभ होंगे। जिसमें प्रात: 9:00 बान, प्रात: 11:00 चाक भात, अपराहन 3:00 बजे कोरथ,अपराहन 4:00 बजे स्वागत समारोह, वरमाला एवं संध्या 6:00 बजे फेरा होगा। तत्पश्चात शीघ्र ही विदाई कार्यक्रम भी रखा गया है।

अध्यक्ष पवन पोद्दार एवं मंत्री कौशल राजगढ़िया ने बताया कि सामूहिक विवाह मितव्ययिता एवं सादगी के साथ हो रहा है, लेकिन पूर्ण पारंपरिक एवं वैदिक रीति रिवाज से यह संपन्न हो रहा है। इस प्रकार के कार्यक्रम पहले भी होते रहे हैं। अग्रवाल सभा का प्रयास होता है कि कार्यक्रम में किसी प्रकार की कमी न रहे। वर-बधु के लिए आवास व्यवस्था महाराजा अग्रसेन भवन में की गई है। बधु के लिए पहनावा में चुन्नी घाघरा, सभा द्वारा दिया गया है। जो विवाह के समय कन्या पहनेगी। पूजन एवं विवाह संस्कार हेतु पंडितों, विवाह वेदी एवं मंडप सजाया जा रहा है। प्रीतिभोज में पकवानों की व्यवस्था विशेष रूप से की गई है।

समारोह के मुख्य अतिथि वरिष्ठ समाजसेवी जुगल किशोर मारू एवं पत्नी वैवाहिक नव दंपतियों को आशीर्वाद देने हेतु उपस्थित रहेंगे। सुंदर भारद्वाज के सानिध्य में विघ्नहर्ता सिद्धिविनायक श्री गणेश का आह्वान कर संपूर्ण वैवाहिक कार्यक्रम संपन्न कराया जाएगा। पोद्दार ने बताया कि सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। सभी उप समितियां अपने अपने कार्य को मूर्त रूप दे रही है।

गुरुवार के कार्यक्रम संपन्न कराने में सभा के अनेकों सदस्य ,महिला समिति के साथ-साथ मारवाड़ी समाज के प्रबुद्ध जन लगे हुए थे। इस कार्यक्रम में राजेंद्र केडिया, शिवकुमार भावसिंहका, ललित पोदार, रतन मोर, सज्जन पाडिया, हनुमान बेरिया, रामाशंकर बगरिया, विजय खोवाल, नवल किशोर टिबडेवाल, चंडी प्रसाद डालमिया, नारायण पटवारी, मंजीत जाजोदिया,मनीष टांटिया, विनोद जैन,अशोक नारसरिया है।

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