Sanmarg Live
Hindi News - Breaking News, Latest News in Hindi, हिंदी में समाचार, : Sanmarg Live, Morning India, Aawami News
Breaking News
राजधानी का मौसम हुआ सुहाना, तेज हवा साथ बूंदे बरसीपूरे बिहार में निर्माण कार्य अगले आदेश तक 11 से 5 बजे शाम तक बंद रहेगाकोका कोला कंपनी के आलमारी से बारह लाख रुपये के सोने और चांदी के सिक्केबिस्कोमान कॉलनी के पास अज्ञात शव बरामद होने से फैली सनसनीहजारीबाग में चिकित्सकों का हड़ताल, आम-आवाम बेहालदलित मोर्चा ने अपहृत युवती की बरामदगी को ले दिया धरनाप्रेमी चैरिटेबल ट्रस्ट एंड फाउंडेषन गरीबों के लिए बना सहारामेरी कार्यशैली व योग्यता से घबरा गये है बिचैलियेः शंभू यादवझाममो के केंद्रीय सचिव व जिलाध्यक्ष के खिलाफ विक्षुब्ध कार्यकर्ताओं ने खोला मोर्चापायल अग्रवाल मामले में महिला थाना प्रभारी व अनुसंधानकर्ता पर गिरी गाज

इसलिए जरुरी है निर्जला एकादशी, शादी स्नान कर की जाती है पूजा पाठ

जानिए क्या है निर्जला एकादशी का महत्व, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

15

- sponsored -

नई दिल्ली, जून 13 2019:    गंगा दशहरा के बाद होने वाली एकादशी को निर्जला एकादशी कहा जाता है। इस बार यह गुरुवार यानी आज मनाया जा रहा है। 2019 को पूरे साल के 24-ग्यारह वर्षों में सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। इसे भीमा एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, हर साल, जया की क्षज महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी को निर्जला एकादशी या 24 एकादशी  के रूप में मनाया जाता है। यह व्रत बिना पानी के रखा जाता है इसलिए इसे निर्जला एकादशी कहा जाता है।

- sponsored -

- sponsored -

Middle Post Content Mobile 320X100

निर्जला एकादशी वर्ष में 24 एकादशी का सबसे अधिक महत्व है। इसे पवित्र एकादशी माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस एकादशी का व्रत रखने से वर्ष की 24 एकादशियों के व्रत का फल मिलता है, इस एकादशी के व्रत के कारण बहुत महत्व है। निर्जला एकादशी के दौरान भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। पवित्र व्रत की शुरुआत पवित्र नदियों में स्नान से होती है। यदि आप घर में स्नान करने के बाद नदी में स्नान नहीं कर सकते, तो  ऊँ नमो वासुदेव ’मंत्र का जाप करें। भगवान विष्णु की पूजा करते समय उन्हें लाल फूल चढ़ाएं, धूप, दीप, नैवेद्य, फल चढ़ाएं और उनकी आरती करें। बिना भोजन के चौबीस घंटे उपवास रखें और अगले दिन पूजा करें और विष्णु की पूजा करके व्रत खोलें। इस व्रत के दौरान ब्राह्मणों को दान-दक्षिणा देना शुभ माना जाता है।

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Befor Author Box Desktop 640X165
Before Author Box 300X250
After Related Post Mobile 300X250
After Related Post Desktop 640X165
Comments
Loading...

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More