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एक बार फिर मॉब लींचिंग होने से बची

एक बार फिर मॉब लींचिंग होने से बची

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संवाददाता
बेगूसराय। बेगूसराय पुलिस की गैर जिम्मेदाराना कार्रवाई के कारण एक बार फिर मोब लिंचिंग की घटना होते-होते बची। मामला मुफस्सिल थाना क्षेत्र के कोरिया हैबतपुर गांव की है जहां बुधवार को दहेज हत्या के मामले को खत्म करवाने के लिए आरोपी के परिजनों ने दबंगई का सहारा लिया। इस बात की खबर जैसे ग्रामीणों को लगी रंगदारी से केस उठाने का दबाव बना रहे तीन लोगों को पकड़ कर पहले जमकर पिटाई की फिर बाद में बंधक बना लिया। घटना मुफस्सिल थाना क्षेत्र के कोरिया हैबतपुर पंचायत की है। गौरतलब है कि नवंबर 2018 में वीरपुर थाना क्षेत्र के बभनगामा में एक विवाहिता की हत्या कर दी गई थी। मैंके पक्ष के लोगों ने जब पुलिस को इसकी सूचना दी तब दहेज हत्या का मामला दर्ज हुआ था। इसी मामले को रफा-दफा करने को लेकर बुधवार को दबाव बना रहे तीन लोगों को ग्रामीणों ने पकड़ा। पुलिस को सूचना देने के बावजूद भी मौके पर पुलिस कई घंटे बाद पहुंची। गनीमत यह रही कि मॉबलिंचिंग जैसी बड़ी वारदात होने से बच गई। फिलहाल पुलिस तीनों आरोपियों को थाने लाकर पूछताछ कर रही है। मामले के बावत ग्रामीणों ने बताया कि मुफस्सिल थाना क्षेत्र के कोरिया निवासी मनोज सिंह ने वर्ष 2015 में अपनी भतीजी ज्योति कुमारी की शादी वीरपुर थाना क्षेत्र के बभनगामा निवासी अजय सिंह के पुत्र सीताराम सिंह उर्फ राहुल कुमार से की थी। शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोगों के द्वारा दहेज के लिए बराबर दबाव बनाया जाता था और नहीं देने पर ज्योति के साथ मारपीट भी की जाती थी। नवंबर 2018 में संदेहास्पद स्थिति में ज्योति की मौत हुई जिसके बाद परिजनों ने दहेज हत्या का मामला दर्ज करवाया था। परिजनों का आरोप था कि ज्योति के पति राहुल कुमार उसके देवर रोहित कुमार, मनीष कुमार तथा उसकी गोतनी और सास ने मिलकर ज्योति की हत्या की है। फिलहाल यह मामला न्यायालय में लंबित है। मृतका ज्योति की मां के अनुसार बुधवार को सवेरे सबसे पहले एकाएक ज्योति के ससुराल पक्ष के लोग पहुंचे और उनमें से एक व्यक्ति ने अपने आप को मुंगेर का एक वरीय पुलिस पदाधिकारी बताया और कहा कि केस उठाओ वरना तुम सबों को उठा लिया जाएगा। जब इस बात की भनक आस पड़ोस के लोगों को लगी तो लोग जमा होने लगे तथा सबों को पकड़ के एक कमरे में बंद कर दिया गया बाद में जब इसकी सूचना पुलिस को लगी तो पुलिस ने मौके से पहुंचकर तीनों की जान बचाई गनीमत रही कि इस घटना
के बाद कोई बड़ी वारदात सामने नहीं आई। लेकिन जिस तरह से पुलिस ने मौके पर पहुंचने में लापरवाही दिखाई है इससे इंकार नहीं किया जा सकता कि मॉबलिंचिंग जैसी बड़ी वारदात भी हो सकती थी। इस बाबत मुफस्सिल थानाध्यक्ष राजविंदु प्रसाद ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा बंधक बनाए गए स्व. राधेश्याम सिंह के पुत्र राजीव कुमार, स्व घोघड़ सिंह के पुत्र कृष्ण देव सिंह, स्व उधो सिंह के पुत्र नवल सिंह सभी पहसारा निवासी को थाना लाया गया है और मामले की जांच की जा रही है। इस बाबत थाना लाए गए के लोगों ने बताया कि हमलोग सामाजिक स्तर पर सुलह की कोशिश कर रहे थे जोर-जबरदस्ती की कोई बात नही थी। नवल सिंह ने बताया कि उसने खुद को पुलिस पदाधिकारी होने की जानकारी भी दी थी, इसके बााबजूूद हमलोगों के साथ मारपीट की गई।

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