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गया में पारा 43 के पार

गया में पारा 43 के पार

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भीषण गर्मी की मार से जनजीवन अस्त-व्यस्त
संवाददाता
गया। इन दिनों वैशाख की तपिश भरी भीषण गर्मी से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सूर्य के तेवर इतने तल्ख हो गए हैं कि लोगों को सड़क पर निकलने के लिए सोचना पड़ रहा है। शनिवार को सुबह से ही सूरज की तपिश बढ़ी रही जो दिन भर शोले जैसा आग उगलता रहा।शनिवार को जिले का तापमान 44.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।मौसम विभाग ने बताया कि गया वासियों को अगले तीन से चार दिनों तक बढ़ती तपिश से राहत नहीं मिलने वाली है।उमस और जलन वाली इस गर्मी से बेहाल गया वासियों ने अगले तीन से चार दिनों तक तापमान बढ़ने की आशंका है।गर्मी और पछुआ हवा के कारण सड़कें सुनसान दिखने लगी है।दिन के तपती धूप में लोग घरों से बाहर निकलना नहीं पा रहे हैं।तपती धूप के साथ गर्म पछुआ हवा ने मानव और पशु पक्षियों के हल्क सुखाकर रख दिया है।जिले में पड़ रही भीषण गर्मी विकराल रूप धारण किए हुए हैं।एक तरफ गयावासी भीषण गर्मी से परेशान है तो वहीं दूसरी ओर शहर में पेयजल संकट व्याप्त है। शहर के अन्य भू भागों का जल स्तर काफी नीचे चले जाने के कारण कुआ,तालाब चापाकल व अन्य जल स्रोत सूखे पड़े हुए हैं।जिससे आम लोगों को पेयजल नसीब नहीं हो पा रहा है। सबसे बड़ी समस्या पहाड़ी इलाकों में रहने वाले के लिए है यहां के लोग सुबह से शाम तक पानी के लिए इधर-उधर भटकते नजर आ रहे हैं। वहीं गया नगर निगम के लापरवाही से प्रतिदिन हजारों लीटर पानी पाइप लीकेज होने के कारण बर्बाद हो रहा है। नगर निगम के बेहतर जलापूर्ति व्यवस्था के दावे झूठी नजर आ रहे हैं।इधर बढ़ती गर्मी के कारण बिजली पर भी असर पड़ता दिख रहा है। शहर में अनियमित विद्युत आपूर्ति से भी शहरवासी ज्यादा चिंतित नजर आ रहे हैं। बेहतर बिजली आपूर्ति नहीं रहने से पंखे एयर कंडीशन, कूलर, रेफ्रिजरेटर आदि चीजें शोभा की वस्तु बनी हुई है। गर्मी से राहत मिले इसके लिए लोग मौसमी फल खीरा ककड़ी, तरबूजा, खरबूज,आम लीची, पपीता, संतरा, सत्तू आइसक्रीम आदि शीतल पेय पदार्थों का सेवन कर रहे हैं। आइसक्रीम और शीतल पेय पदार्थ के दुकानों पर ग्राहकों की लंबी लाइन लगी हुई है।बढ़ती गर्मी को को देखते हुए जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने जिले के सभी सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयों को अगले आदेश तक बंद रखने का आदेश देने से बच्चों को बड़ी राहत मिली है। तपती धूप के साथ गर्म हवा के झोंकों से ज्यादातर छोटे बच्चे प्रभावित होते हैं और इन्हें लू लगने का डर बना रहता है। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ नंदकिशोर गुप्ता ने बताया कि तपती धूप और जलन बच्चों के लिए घातक होती है बच्चों में लू लगना, हाय फीवर हीट बैक्टीरिया होने का ज्यादा संभावना बना रहता है।जिससे बचने के लिए तैलीय खाद पदार्थ का सेवन कम करने,ज्यादा से ज्यादा पानी पीने फल और दही का सेवन करने की सलाह दी है। मौसम की बेरुखी के कारण लोग डरे सहमे हुए हैं।

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