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चौंकायेगा बेगूसराय का चुनाव परिणाम

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बेगूसराय। एग्जिट पोल के रुझान ने देश में एक बार फिर मोदी सरकार की धमाकेदार वापसी का दावा कर दिया है। जिसके बाद से पक्ष एवं विपक्ष अपने-अपने तरीके से जीत-हार की समीक्षा कर एग्जिट पोल को सही और झूठ करार देने में लगी हुई है। लेकिन देश के सबसे हॉट सीट में एक बेगूसराय लोकसभा क्षेत्र से चैंकाने वाला नतीजा सामने आ सकता है। यहां से जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष व सीपीआई उम्मीदवार कन्हैया कुमार जीत सकते हैं। मोदी लहर में जीत की संजीवनी कन्हैया को युवा वोटर्स एवं महिलाएं दे सकती हैं। क्योंकि चुनाव प्रचार के दौरान सबसे ज्यादा कन्हैया के समर्थन में युवाओं का उत्साह एवं महिलाओं का रुझान देखा जा रहा था। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि इस बार महिला मतदाताओं ने पुरुष मतदाताओं को पछाड़ते हुए लगभग 9 प्रतिशत अधिक मतदान किया। कन्हैया की जीत अगर होती है तो उसमें वामपंथी विचारधारा एवं उनके द्वारा गरीबों एवं महिलाओं के हक अधिकार के लिए लगातार उठाई गई आवाज एक यह भी कारण बन सकती है। वहीं इस बार 2 लाख 15 हजार युवा वोटर्स भी कन्हैया की किस्मत बदलते हुए संसद का दरवाजा उनके लिए खोल सकते हैं। पूरे चुनाव के दौरान कन्हैया कुमार ने लोगों से सिर्फ और सिर्फ विकास, बेरोजगारी, युवाओं को रोजगार, महिला सुरक्षा जैसे मुद्दे पर वोट मांगे। जहां तक बेगूसराय लोकसभा क्षेत्र में जातीय समीकरण की बात कहीं जाए तो बेगूसराय भूमिहार बाहुल्य क्षेत्र है। भूमिहार समुदाय के मतदाताओं की संख्या लगभग 4.25 लाख, उसके बाद सबसे अधिक मतदाता मुस्लिम समुदाय का तीन लाख वोट है। वहीं यादव समुदाय के मतदाता 2.25 लाख, कुर्मी 1.5 लाख, कुशवाहा एक लाख, पासवान एक लाख, सहनी 1.5 लाख, दलित दो लाख, राजपूत 50 हजार, कास्थ 50 हजार एवं ब्राह्मण 75 हजार है। हालांकि इस बार का लोकसभा चुनाव बेगूसराय में कम से कम जातीय समीकरण से अलग हटकर होता दिखा। जहां सीपीआई उम्मीदवार कन्हैया कुमार को महागठबंधन प्रत्याशी तनवीर हसन के रहते हुए मुस्लिम समुदाय का 60 से 70 प्रतिशत वोट मिलने की बात कही जा रही है। वहीं हर जात से कन्हैया कुमार ने वोट प्राप्त किया है, हालांकि मतदाताओं की संख्या जितनी भी हो। वहीं अगर महिलाओं ने कन्हैया कुमार पर नजरे इनायत कर दी होगी तो कन्हैया कुमार को संसद जाने से कोई भी ताकत रोक नहीं सकती। ऐसे कन्हैया कुमार ने चुनाव से पूर्व आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं सहायिकाओं के आंदोलन में कदम ताल किया था वहीं चुनाव के दौरान कन्हैया कुमार के प्रचार में महिलाओं की विशेष टीम घर घर जाकर महिला मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित करने की महनत की थी। महागठबंधन के उम्मीदवार मो. तनवीर हसन के चुनावी मैदान में पिछड़ जाने की चर्चा रही है। कन्हैया कुमार बेगूसराय लोकसभा क्षेत्र के लेनिनग्राद तेघड़ा, बछवाड़ा एवं बखरी विधानसभा क्षेत्र से लीड कर सकते हैं। वहीं मटिहानी एवं बेगूसराय में दूसरा स्थान मिलने की संभावना है। इन दोनों विधानसभा क्षेत्र में अगर भाजपा उम्मीदवार गिरिराज सिंह के जीत का अंतर कम हुआ तो कन्हैया कुमार के बेहद करीब हो जाएंगे। वहीं साहेबपुर कमाल विधान सभा क्षेत्र में महागठबंधन उम्मीदवार मो. तनवीर हसन की बढ़त रहेगी इसकी पूरी उम्मीद है। कुल मिलाकर कन्हैया कुमार जीत के रेस में है और मिठाई बांटने वाले भाजपा व गिरिराज सिंह समर्थक को 23 मई तक का इंतजार करना चाहिए।

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