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यह प्रगतिशील और देश के सर्वांगीण विकास केे लिए दीर्घकालीन दृष्टिकोण वाला बजट है- बिहार उद्योग संघ

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बिहार के उद्योग जगत ने संसद में चालू वित्त वर्ष के लिए पेश आम बजट को स्वागतयोग्य बताया और कहा कि यह प्रगतिशील और देश के सर्वांगीण विकास केे लिए दीर्घकालीन दृष्टिकोण वाला बजट है।
बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (बीआईए) के महासचिव महाबीर प्रसाद बिदासरिया ने केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा वित्त वर्ष 2019-20 के लिए संसद में पेश मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले आम बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह प्रगतिशील और देश के सर्वांगीण विकास के लिए दीर्घकालीन दृष्टिकोण वाला बजट है।

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इसमें ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आवास योजनाओं, सड़क, रेल और हवाई क्षेत्रों में आधारभूत संरचना को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवा तथा महिला उद्यमियों को विशेष प्रोत्साहित करने जैसे कदम उठाये गये हैं। पिछले पांच वर्षों में आर्थिक प्रगति के तथ्यों पर आधारित और विकास की नीतियों के आधार पर पांच खरब डाॅलर की परिकल्पना की गई है।
श्री बिदासरिया ने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में पुनर्गठन के साथ 70 हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे उद्योग को ऋण मिलने में सहुलियत होगी। उन्होंने कहा कि अलग-अलग श्रम कानूनों को मिलाकर चार श्रम कोड बनाने का विचार किया जा रहा है।

वाणिज्य एवं उद्योग संगठन बिहार चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (बीसीसीआई) के अध्यक्ष पी. के. अग्रवाल ने कहा कि बजट में छोटे कारोबारियों के लिए पेंशन योजना, चालू निगम कर की वार्षिक टर्नओवर सीमा को बढ़ाकर 400 करोड़ रुपये, जलशक्ति मंत्रालय का गठन, बुनियादी ढांंचे के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उपक्रम क्षेत्र पर विशेष ध्यान, महिला सशक्तीकरण, श्रम कानून का सरलीकरण जैसे प्रस्ताव स्वागतयोग्य हैं। उन्होंने कहा कि बजट पूरी तरह से गांव, गरीब और किसानों पर केंद्रित है।
श्री अग्रवाल ने कहा कि हालांकि बिहार के लोग खासकर उद्योग एवं कारोबार जगत बजट में बिहार जैसे पिछड़े राज्य के लिए विशेष आर्थिक पैकेज या औद्योगिक रूप से पिछड़े क्षेत्र के लिए विशेष कोष का प्रस्ताव किये जाने की आस लगाये बैठे थे लेकिन ऐसा नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि बाढ़ की विभीषिका झेलने वाले बिहार को प्रत्येक वर्ष ऐसी आपदाओं से नुकसान उठाना पड़ता है। इसे ध्यान में रखते हुये बजट में इस जैसे राज्यों के लिए विशेष प्रस्ताव किया जाना चाहिए था।
वहीं, बिहार आर्थिक अध्ययन संस्थान के निदेशक डॉ. प्यारेलाल ने आम बजट को विकास आधारित बजट बताया और कहा कि इसमें जीरो बजट फार्मिंग का प्रस्ताव कर कृषि क्षेत्र को काफी राहत दी गई है। इसमें कृषि, सामाजिक, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने की सरकार की प्रतिबद्धता प्रदर्शित होती है। उन्होंने छोटे कारोबारियों और दुकानदारों के लिए पेंशन योजना के प्रस्ताव को स्वागतयोग्य बताया।

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