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इलेक्ट्रिक वाहनों का निर्माण का हब बनाने का प्रावधान

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सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों पर वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) की दर 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने और इन वाहनों की खरीद के ऋण के ब्याज पर 1.5 लाख रुपये की अतिरिक्त आयकर छूट देने की घोषणा की है।
केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज संसद में वित्त वर्ष 2019-20 का आम बजट पेश करते हुए कहा कि सरकार का इरादा देश को ई. वाहनों के विनिर्माण का केंद्र के रुप में विकसित करने की है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन की खरीद पर लगभग 2.5 लाख रुपये की आयकर छूट भी मिलेगी। इलेक्ट्रिक वाहनों के कुछ कलपुर्जों पर सीमा शुल्क से मुक्त भी किया जाएगा।
उन्हाेंने कहा कि फेम योजना के दूसरे चरण में आधुनिक बैटरी और पंजीकृत ई-वाहन की खरीद के लिए छूट दी जाएगी। फेम योजना का दूसरा चरण एक अप्रैल, 2019 से प्रारंभ हो गया है। इस योजना के तहत तीन वर्षों के लिए 10,000 करोड़ रुपये की धनराशि निर्धारित की गई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को प्रोत्साहन देना है। इसके लिए इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद तथा इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए रियायत दी जाएगी। इस योजना के तहत केवल आधुनिक बैटरियों और पंजीकृत ई-वाहनों को ही रियायत मिलेगी। इस योजना का लक्ष्य लोगों को किफायती और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन का विकल्प प्रदान करना है।
श्रीमती सीतारमण ने कहा कि फेम योजना में सोलर स्टोरेज बैटरी और चार्जिंग स्टेशनों को शामिल करने से विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा। इन वाहनों के विनिर्माण से भारत इलेक्ट्रिक वाहनों के एक विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित होगा।

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