Sanmarg Live
Hindi News - Breaking News, Latest News in Hindi, हिंदी में समाचार, : Sanmarg Live, Morning India, Aawami News

बक्सर में अश्विनी चौबे की साख दांव पर, जगदानंद सिंह से होगी सीधी टक्कर

1,516

- sponsored -

बिहार के बक्सर संसदीय क्षेत्र में हो रहे चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और केन्द्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे तथा राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रत्याशी जगदानंद सिंह के बीच सीधी टक्कर है।बिहार में सातवें तथा अंतिम चरण के लिये 19 मई को बक्सर में मतदान होना है ।गंगा के तट पर बसे बक्सर में राजद और भाजपा के बीच कड़ा मुकाबला होता रहा है।राजद की टिकट पर पूर्व मंत्री जगदानंद सिंह तो भाजपा की टिकट पर निवर्तमान सासंद और केन्द्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे चुनावी अखाड़े में ताल ठोक रहे हैं। बक्सर संसदीय सीट से जनतांत्रिक विकास पार्टी (जविपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल कुमार चुनावी रणभूमि में उतर कर मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश में है।वर्ष 2014 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रत्याशी अश्विनी चौबे ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रत्याशी और पूर्व सांसद जगदानंद सिंह को एक लाख 32 हजार 338 मतों के भारी मतों के अंतर से पराजित किया था। इस बार के चुनाव में भाजपा और राजद दोनो दलों के प्रत्याशी अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। जगदानंद सिंह लालू यादव के मुस्लिम-यादव (एमवाई) समीकरण के बल पर चुनाव में जीत हासिल करना चाहते हैं। वहीं, भाजपा प्रत्याशी अश्विनी चौबे को विकास और मोदी के नाम का सहारा है।

कभी कांग्रेस का अभेद्य दुर्ग कहे जाने वाले बक्सर लोकसभा क्षेत्र पर फिलहाल भाजपा का कब्जा है। आजादी से लेकर अभी तक इस सीट पर कांग्रेस और भाजपा का कब्जा पांच-पांच बार रहा। 1962 में कांग्रेस का विजयी अभियान शुरू हुआ तो 1977 की जनता पार्टी लहर को छोड़ लगातार 1984 तक उसका कब्जा बरकरार रहा। 1996 में उस समय सांसद रहे तेजनारायण सिंह को हराकर पहली बार भाजपा के लालमुनि चौबे ने यह सीट भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) से झटक ली। वर्ष 2004 तक अनवरत भाजपा का कब्जा रहा, लेकिन परिसीमन के बाद 2009 के 15 वीं लोकसभा चुनाव में राजद के जगदानंद सिंह ने लालमुनि चौबे से यह सीट छीन ली । लेकिन अगली बार 2014 के चुनाव में फिर अश्विनी चौबे ने राजद को हराकर एक बार फिर ‘कमल’ को खिला दिया।

- sponsored -

- sponsored -

Middle Post Content Mobile 320X100

वर्ष 1957 से अस्तित्व में आने के बाद बक्सर संसदीय सीट पर हुए पहले आम चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार और डुमरांव के महाराजा कमल सिंह ने जीत हासिल की। 1962 में हुए आम चुनाव में कमल सिंह कांग्रेस प्रत्याशी
अनंत प्रसाद शर्मा से चुनाव हार गए थे। वर्ष 1967 में कांग्रेस उम्मीदवार आरएस सिंह और वर्ष 1971 में कांग्रेस प्रत्याशी अनंत प्रसाद शर्मा बक्सर से निर्वाचित हुये। वर्ष 1977 में आपातकाल के बाद रामानंद तिवारी ने भारतीय लोक दल (बीएलडी) की टिकट पर जीत हासिल की। वर्ष 1980 और वर्ष 1984 में कांग्रेस के कमलाकांत तिवारी ने जीत हासिल की। इसके बाद वाम दल सशक्त हुआ और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के तेज नारायण सिंह ने
वर्ष 1989 तथा वर्ष 1991 में सफलता हासिल की।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के करीबी रहे दिग्गज भाजपा नेता लाल मुनि चौबे बक्सर सीट से लगातार चार बार सांसद चुने गए। 1996 में पहली बार इस सीट पर भाजपा का खाता खुला। 1996, 1998, 1999 और 2004 में लाल मुनि चौबे बक्सर से निर्वाचित होकर संसद पहुंचे। वर्ष 2009 लोकसभा चुनाव में लाल मुनि चौबे राजद प्रत्याशी जगदानंद सिंह से महज दो हजार वोट से चुनाव हार गए थे। बक्सर संसदीय क्षेत्र से पहली बार 2014 में चुनाव लड़े अश्विनी कुमार चौबे नरेन्द्र मोदी की लहर में राजद के कद्दावर नेता एवं तत्कालीन सांसद जगदानंद सिंह को हराकर निर्वाचित हुए। इससे पहले वह भागलपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक तथा प्रदेश सरकार में मंत्री रह चुके थे। मोदी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में उन्हें केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री बनाया गया।

वर्ष 2019 के चुनाव में एक तरफ भाजपा प्रत्याशी अश्विनी कुमार चौबे प्रधानमंत्री मोदी के चेहरे के बल पर मैदान में हैं वहीं महागठबंधन उम्मीदवार जगदानंद सिंह राजग सरकार की नाकामियों और जातीय समीकरण के आधार पर गोलबंदी की कोशिश में जुटे हैं। जनतांत्रिक विकास पार्टी (जविपा) की टिकट पर चुनाव लड़ रहे अनिल कुमार भी काफी सक्रिय हैं। रामगढ़, दिनारा, राजपुर और डुमरांव में उनकी अच्छी पकड़ है। वे मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश में लगे हैं।बक्सर लोकसभा क्षेत्र में छह विधानसभा क्षेत्र हैं। इनमें डुमरांव, ब्रह्मपुर, राजपुर, बक्सर, रामगढ़ और दिनारा शामिल हैं। इनमें बक्सर जिले के चार विधानसभा क्षेत्र हैं। एक रोहतास जिले का दिनारा विधानसभा और एक कैमूर जिले का रामगढ़ शामिल हैं। इन सीटों पर तीन पर जदयू और अन्य तीन पर भाजपा ,राजद और कांग्रेस का कब्जा है।ब्रह्मपुर से शंभू नाथ यादव (राजद),बक्सर से संजय कुमार तिवारी (कांग्रेस) ,डुमरांव से ददन यादव (जदयू),
राजपुर (सु) से संतोष कुमार निराला (जदयू), रामगढ़ से अशोक कुमार सिंह (भाजपा) और दिनारा से जय कुमार सिंह (जदयू) विधायक हैं।सतरहवें आम चुनाव (2019) में बक्सर संसदीय सीट से कुल 15 उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं। इनमें भाजपा,राजद,जविपा ,बहुजन समाज पार्टी (बसपा)और पांच निर्दलीय सम्मेत 15 उम्मीदवार शामिल हैं। इस लोकसभा क्षेत्र में करीब 18 लाख 06 हजार मतदाता हैं। इनमें करीब नौ लाख 54 पुरुष और आठ लाख 52 हजार महिला शामिल हैं जो सातवे और अंतिम चरण में 19 मई को होने वाले मतदान में 15 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे।

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Befor Author Box Desktop 640X165
Before Author Box 300X250
After Related Post Desktop 640X165
After Related Post Mobile 300X250
Comments
Loading...

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More