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मुख्यमंत्री ने शुरू की सभी वर्ग के बुजुर्गों के लिए की पेंशन योजना, कहा

परिवार में वृद्धों का बढ़ेगा सम्मान, पूरी होंगी जरूरतें

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1 लाख 35 हजार 928 लोगों के खाते में गया वृद्धजन पेंशन योजना का पैसा
कार्यालय संवाददाता
पटना। बुजुर्गों के लिए पेंशन योजना से परिवार में वृद्धों का सम्मान तो बढ़ेगा ही, साथ ही उनकी जरूरतें भी पूरी होंगी। ये बातें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के तहत डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों को भुगतान का शुभारंभ करने के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में कहीं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष 01 मार्च से इस योजना की शुरुआत की गयी थी, जिसकी राशि का भुगतान आज से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले से गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) के परिवारों को वृद्धा पेंशन योजना का लाभ दिया जा रहा था। विधवा पेंशन, दिव्यांगजनों को पेंशन जैसी अनेक योजनाएं चलायी जा रही थीं लेकिन 60 वर्ष से ऊपर के सभी वृद्धजनों चाहे स्त्री हो या पुरुष जिन्हें केंद्र या राज्य सरकार से कोई वेतन, पेंशन, पारिवारिक पेंशन या सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त नहीं हो रहा है, उन्हें इसका लाभ देने की योजना बनायी और इसे लागू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इससे वृद्धजनों का अपने परिवार में सम्मान बढ़ेगा और उनकी कुछ जरुरतें भी पूरी होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रखंड स्तर के अधिकारी गांव-गांव जाकर लोगों को इस योजना की जानकारी दें ताकि अधिक से अधिक संख्या में आवेदन भरे जा सकें। समाचार पत्रों, टेलीविजन, रेडियो और सोशल मीडिया के द्वारा इसका प्रचार करायें। उन्होंने कहा कि लोक सेवा केंद्र पर आवेदन तो भरे ही जा रहे हैं, अब मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना से संबंधित आवेदन भी आॅनलाइन भरे जायेंगे। इसके माध्यम से जल्द से जल्द उनके खाते में सीधे पैसे भेजने की व्यवस्था की जा रही है। श्री कुमार ने कहा कि आंकलन से पता चला है कि 35 से 36 लाख ऐसे लोग हैं, जिन्हें इस योजना का लाभ मिलना चाहिये। इस योजना पर हर वर्ष राज्य सरकार की तरफ से 1800 करोड़ रुपये व्यय होंगे। इस योजना के तहत अभी तक दो लाख आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से सत्यापन के बाद एक लाख 35 हजार 928 लोगों के खाते में आज राशि ट्रांसफर कर दी गई है। इसमें मार्च और अप्रैल 2019 का भुगतान शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2007 में कानून लाया गया था कि वरिष्ठ नागरिकों एवं अपने माता-पिता का सम्मान करना चाहिए। कुछ लोग ऐसी मानसिकता के होते हैं कि वे अपने माता-पिता एवं वरिष्ठों की चिंता नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि जिन्होंने जन्म दिया, जिस माता-पिता ने जीवन जीने का अवसर दिया, उनकी उपेक्षा करना ठीक नहीं है। जो अपने माता-पिता की उपेक्षा करेंगे उन पर अब कानूनी कार्रवाई होगी। श्री कुमार ने बताया कि इसके लिए अनुमंडल पदाधिकारी के यहां जो भी माता-पिता आवेदन करेंगे, वहां दोनों पक्षों को सुनकर उस पर फैसला होगा और इस फैसले को अमल में लाना होगा। यदि वृद्धजनों का फिर भी आदर नहीं होगा तो वे जिलाधिकारी के यहां अपील करेंगे। जिलाधिकारी 30 दिन के अंदर फैसला देंगे। यदि इसके बाद भी उनकी उपेक्षा की जाती है तो ऐसा करने वालों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई कर फैसले के मुताबिक सजा मिलेगी। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार के इस निर्णय की दूसरे राज्य भी प्रशंसा कर रहे हैं और इस संबंध में जानकारी भी मांगी जा रही है। इस अवसर पर विकास आयुक्त सुभाष शर्मा, समाज कल्याण विभाग के प्रधान सचिव अतुल प्रसाद, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री सचिवालय के विशेष सचिव चन्दशेखर सिंह, निदेशक सामाजिक सुरक्षा राजकुमार, जिलाधिकारी कुमार रवि के अलावा समाज कल्याण विभाग के अन्य अधिकारीगण व इस योजना के लाभुकगण एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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