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निर्माण के समय में ही टूटने लगे हैं सड़क व  नाला

कच्छप गति से हो रहा है निर्माण, लोग परेशान

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संवाददाता
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बहेड़ी : 800 करोड़ रुपए की लागत से निमार्णाधीन 116 किलोमीटर लंबी बरूणा-रसियारी सड़क का निर्माण कार्य काफी धीमी गति व गुणवत्ताहीन होने से लोगों की परेशानियां बढ़ गई है। कई अर्धनिर्मित पुलों के बगल में बना कच्चा डायवर्सन व सड़क के मिट्टीकरण के कारण इस समय उक्त सड़क पर आना-जाना अत्यंत कष्टप्रद साबित हो रहा है। गाड़ियों के परिचालन व हवा के कारण उड़ते धूल-कण लोगों की विभिन्न बीमारियों का सबब बन गया है। पर्यावरण प्रदूषण पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। सड़क पर बनाए गए स्तरहीन नाला  व इसके ढक्कन का हाल भी काफी चिंताजनक है, जो कभी भी दुर्घटना का कारण बन सकता है। बहेड़ी बाजार में प्रखंड मुख्यालय की ओर मुड़ने वाली जगह पर जिस ढक्कन युक्त नाला का निर्माण सी एंड सी एजेंसी द्वारा किया गया है। वह निर्माण काल से अब तक तीन-चार बार क्षतिग्रस्त हो चुका है। बार-बार इस नाला का बनवा-टूटना ही निर्माण कार्य का परिचायक है। ज्ञातव्य हो कि उक्त नाला  को पार कर प्रत्येक दिन भारी वाहनों का परिचालन एसएफसी गोदाम तक होता रहता है। कई बार इस नाला के ढक्कन के क्षतिग्रस्त होने से ट्रक फस जाता है। साथ ही इस मोड़ पर मोटरसाइकिल सवार व अन्य छोटे वाहन भी दुर्घटनाग्रस्त हो चुका है। इस बीच मानवाधिकार संरक्षण प्रतिष्ठान के जिला अध्यक्ष प्रदीप कुमार चौधरी ने कई बार जिला पदाधिकारी व निर्माण एजेंसी का ध्यान इस समस्या की ओर दिलाने का प्रयास ज्ञापन व पत्राचार द्वारा किया, परंतु परिणाम ढाक के तीन पत्ता ही साबित हुए हैं।

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