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सन्मार्ग लाइव का चौंकाने वाला खुलासा, टिकट नहीं लिया तो भी कर सकते हैं ट्रेन की यात्रा

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अनिल कुमार/वेद प्रकाश /सन्मार्ग Live: भारतीय रेल… एक ऐसी सुविधा, जो हर वर्ग के नागरिकों के लिए आवागमन की सबसे बेहतर और सुगम व्यवस्था मानी जाती है। हम हमेशा ट्रेन में बेहतर सुविधायें न होने का रोना रोते हैं, लेकिन कभी आपने सोचा है, कि आखिर इसके लिए जिम्मेदार है कौन। नहीं न, तो चलिये आज आपको दिखाते हैं एक रेल सफर की हकीकत।

तारीख- 9 जुलाई            जगह- लखनऊ स्टेशन

ट्रेन संख्या– 12332       ट्रेन का नाम- हिमगिरी एक्सप्रेस

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इस ट्रेन से सफर के दौरान लखनऊ स्टेशन पर एक शख्स जिनका नाम डॉ. संजय पांडेय है, अपने बेटे के साथ 3RD एसी के कोच संख्या B4 में चढ़े। इस दौरान न उनके पास टिकट थी, और ही कोई डर। शायद इस रुट पर पहले कई बार बेटिकट यात्रा कर चुके होंगे। हमारा सफर लंबा था, इसीलिए दो अन्य यात्रियों के आने से थोड़ी परेशानी होने लगी। लेकिन उससे इन्हें क्या। हमें लगा कि टीटीई के आने पर इन्हें यहां से जाना होगा, और हमें अपने ही सीट पर आराम से बैठने की जगह मिल सकेगी। लेकिन हुआ कुछ उल्टा ही। थोड़ी ही देर से ये टीटी साहब हमारे कंपार्टमेंट में थे। जब इनसे टिकट मांगा तो इन्होंने टिकट न होने की बात कहकर जौनपुर तक जाने की बात कही। टीटीई साहब ने तुरंत उनसे पैसे की मांग की। ये देखकर हम हैरान रह गये। इसके बाद हमने तुरंत मोबाइल निकाला, ताकि इस घटना का सच दुनिया के सामने ला सकें। लेकिन टीटीई साहब तो बड़े होशियार निकले, तुरंत उस शख्स को लेकर दूसरे कंपार्टमेंट में चले गये। वहां पैसा वसूला, अपनी जेब गरम की, और फिर इन्हें जौनपुर तक जाने की इजाजत दे दी। जब ये साहब दुबारा हमारे कंपार्टमेंट में पहुंचे, तो बताया कि महज 500 रुपये में इन्हें लखनऊ  से जौनपुर जाने की इजाजत मिली है। उसके लिए न कोई फाइन किया गया, और न ही कोई टिकट थमाई गयी।

मतलब साफ कि रेलवे को चूना लगाकर टीटी साहब ने अपनी जेब गरम कर ली। ज़रा अंदाज़ा लगाइये, कि हर रोज अगर सिर्फ 8-10 यात्री भी ऐसे मिल गये, तो साहब की उपरी कमाई 5000 रुपये प्रतिदिन, यानी महीने के डेढ़ लाख रुपये। एक डीआरएम की सैलरी से भी ज़्यादा। ऐसे में अगर रेलवे अपने सबसे बदहाल दौर से गुजर रहा है, तो इसके जिम्मेदार जितने ये टीटी साहब हैं, उतने ही इन जैसे बेटिकट रेल यात्री भी। सोचिये कि सुधरने की ज़रुरत किसे है, सरकार को, रेल मंत्रालय को या इन जैसे रेल यात्रियों को। सन्मार्ग लाइव के लिए अनिल कुमार की रिपोर्ट।

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