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चमकी बीमारी का लक्षण और उससे बचने का दवा की जानकारी- डॉ नागमणी

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समस्तीपुर: सदर अस्पताल में चमकी बीमारी मरीज के आने के तांता लगा हुआ है। वही बुधवार के सुबह 8 बजे से 2 बजे तक एक डाक्टर नागमणी ने मरीजों को दवा और पानी चढाने का काम अकेले करने का काम किया जो सराहनीय है। इसी बीच मार- पीट से घायल सहित अन्य मरीजों को देखने का काम भी वही कर रहे थे।

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साथ देने के लिए दो चार स्टाफ आ गए थे। वही चमकी बीमारी से बचने और उसका पहचान अस्पताल के मरीजों को बताने का काम किया है। डाक्टर नागमणी ने बताया की सिरदर्द, तेज बुखार, बच्चे को बेहोश हो जाना, शरीर में चमकी होना,हाथ पैर में थरथराहट होना, पूरे शरीर या किसी खास अंग में लकवा मार देना या हाथ पैर अकड़ जाना और बच्चे का शारीरिक संतुलन ठीक नही होना यह चमकी बीमारी कि लक्षण है।

इस बीमारी से बचने के लिए डाक्टर नागमणी ने मरीजो को बताया की तेज बुखार होने पर पूरे शरीर को ताजे पानी सें पोंछ एवं पंखे से हवा देना चाहिए। परासिटामोल की 500 एमजी की गोली अथवा 125 एमजी/5 एमएल की सीरफ को उम्र के हिसाब से देना चाहिए। उन्होने बताया की एक साल के बच्चे के लिए 1/4 गोली अथवा एक चम्मच सीरप, एक से छ वर्ष के बच्चे के लिए 1/2 गोली अथवा दो चम्मच सीरप, 6 साल से 15 साल के बच्चे के लिए एक पूरी गोली अथवा 4 चम्मच सीरप देना चाहिए। यदि बच्चा बेहोश न हो तब साफ पानी में ओ०आर०एस० का घोल पिलाना चाहिए। मरीज को पानी का पट्टी भी देना चाहिए साथ ही पानी से भींगा कपड़ा से शरीर को साफ करते रहना चाहिए।

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