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प्रकृति के आधार पर योग ,भोजन और जीवन शैली में बदलाव करके माइग्रेन से निजात पाएं

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आयुष मंत्रालय के प्रशासनिक समिति के अध्यक्ष एवं नाक,कान एवं गला रोग के दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क)देशों के विशेषज्ञों के महासचिव डॉ़ महेन्द्र तनेजा ने कहा है कि योग , प्रणायाम तथा जीवन शैली में सुधार करके माइग्रेन समेत किसी भी प्रकार के सिर दर्द से निजात पाना संभव है।

डॉ़ तनेजा उत्तर प्रदेश के मुजफ्फनगर स्थित भारतीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा द्वारा यहां आयोजित एक संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा,“ प्रकृति के आधार पर योग ,भोजन और जीवन शैली में बदलाव करके सिर दर्द समेत कई बीमारियों से निजात पायी जा सकती है। आज सिर दर्द एक आम समस्या बन गया है। युवा और बुजुर्ग ही नहीं बल्कि बच्चे भी इससे पीड़ित हैं।”

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उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों ने सिर दर्द को तीन वर्गों में विभाजित किया है। इनमें चिंता की वजह से होने वाला सिर दर्द, पित्त प्रकृति से हाेने वाला माइग्रेन,वात प्रकृति और कफ प्रकृति की वजह से हाेने वाला साइनस का सिर दर्द शामिल है। डाॅ़ तनेजा ने माइग्रेन पर विशेष प्रकाश डालते हुए कहा ,“ वात को शांत करने वाले भोजन,योग ,प्राणायाम और नियमित दिनचर्या समेत जीवन शैली में आश्वयक बदलाव करके इससे मुक्ति पाना संभव है।”

संगोष्ठि को ओडिशा में भुवनेश्वर के डॉ़ महापात्रा , डॉ तरिणी तनेजा, अम्बेडकर मेडिकल काॅलेज के प्रधानाचार्य डॉ़ अचल गुलाटी और वर्धमान मेडिकल काॅलेज के डॉ़ एन. ए. माथुर ने भी संबोधित किया।

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