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जल, थल, वायु संपर्क बढाना प्राथमिकता: निर्मला

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सरकार ने कहा है कि देश में भारतमाला, सागरमाला तथा उड़ान परियोजनाओं के जरिए कनेक्टिविटी बढाने की परियोजनाओं को महत्व दिया जा रहा है और गांव तथा शहरों के बीच दूरी कम करने के लिए सभी मौसम में सुलभ सड़कें उपलब्ध कराई जा रही है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को लोकसभा में वर्ष 2019-20 के लिए बजट पेश करते हुए कहा कि परिवहन क्षेत्र में ढांचागत विकास सरकार की पहली प्राथमिकता है और इसके लिए जल, थल और वायु परिहवन को बढावा दिया जा रहा है। भारतमाला योजना के तहत देश में सडकों का जाल बिछाया जा रहा है और सागरमाला के तहत बंदगाहों को सडक नेटवर्क से जोडा जा रहा है जबकि उडान योजना के तहत सभी क्षेत्रों को वायु मार्ग से जोडा जा रहा है। सागरमाला से बंदरगाहों की कनेक्टिविटी बढेगी और भारतमाला के तहत सडक नेटवर्क बढाया जाएगा

उन्होंने कहा कि देश का कोई हिस्सा सडक परिवहन से वंचित नहीं रहे इसके लिए प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक योजना के तहत तीसरे चरण में एक लाख 25 हजार किलोमीटर सडकों का सुधार किया जाएगा और इसके लिए 80250 करोड रुपए की व्यवस्था की गयी है। अगले पांच साल में केंद्र सरकार की इस योजना से देश के ग्रमीण इलाकों में बडा बदलाव आएगा और ग्रामीण क्षेत्र बडे बाजार के रूप में उभरेंगे।

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भारत माला, सागरमाला तथा उडान योजना देश के गरीब तथा शहरी क्षेत्रों को जोड़ने का काम कर रही हैं। इस योजना से देश में परिवहन की व्यवस्था में सुधार हो रहा है और इस प्रक्रिया को और तेज किया जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्गों के पुनर्निर्माण और कनेक्टिविटी को प्राथमिकता के साथ बढावा दिया जाएगा और इन तीनों योजनाओं के तहत इसके लक्ष्य को हासिल किया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में 657 किलोमीटर मेट्रो नेटवर्क संचालित किया जा रहा है तथा सरकारी और निजी भागीदारी के तहत रेल परिवहन को विकसित किया जा रहा हे। जल परिवहन को बढावा देने पर विशेष बल दिया जा रहा है ताकि देश के हर हिस्से तक नदियों के माध्यम से कनेक्टिविटी स्थापित की जा सके।

उन्होंने कहा कि ढांचागत विकास मजबूत किया जाएगा और इसके लिए देशी और विदेशी निवेशकों को आमंत्रित किया जाएगा। इसके साथ ही ऐसी सडकों का निर्माण किया जा रहा है जो हर मौसम के अनुकूल हो और अब तक करीब 97 प्रतिशत बस्तियों की पहुंच इस तरह की सडकों तक हो चुकी है ओर इसमें तेजी लायी जा रही है।

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