Sanmarg Live
Hindi News - Breaking News, Latest News in Hindi, हिंदी में समाचार, : Sanmarg Live, Morning India, Aawami News
Breaking News
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर का निधनfacebook , whatsapp और अन्य सोशल मीडिया के लिए आधार की जरुरत – जरा सोचियेझिल्ली चौक के पास चोर को ग्रामीणों ने पकडकर की पिटाई, पुलिस ने किया गिरफ्तारअनंत सिंह मामला : दर्जनों गाड़ियों से पुलिस का पीछा और पथराव, कई लोग हिरासत मेंसारण शूटआउट: दो स्कॉर्पियो पर सवार थे अपराधी, यूपी की ओर भागे!  शर्मनाक … जिसे शहीद कह हम इज्ज्त दे रहे है, उसी शहीद पुलिसकर्मी को लिटा दिया जमीन परबड़े घरों के बिगड़ैल बच्चे , पटना हाई कोर्ट के जज साहब को भी नहीं छोड़ा , DGP साहब को खुद आना पड़ाहाजीपुर में डकैतों से पुलिस का इनकाउंटर ,दो डकैतों को लगी गोली – गिरफ्तारधोनी के रिकॉर्ड की बराबरी करने से एक जीत दूर विराटभारतीय महिला हॉकी टीम फाइनल में

रहस्य्मयी यन्त्र राज ‘श्रीयंत्र’ की समग्र जानकारी भाग-1

यन्त्र परिचय

28

- sponsored -

- Sponsored -

आज सोमवार अंग्रेजी दिनांक 10 जून से श्री यन्त्र से सम्बंधित सभी तरह की जानकारी भिन्न-भिन्न भागो में प्रस्तुत करेंगे। इसके अंतर्गत सिर्फ उन्ही रहस्यों का प्राकट्य नहीं किया जायेगा, जिसके बारे में हमारे पुरखों ने कहा है की – ‘अपनी गर्दन दे दो पर ये रहस्य न दो’

इसके लेखक ने अपना नाम गुप्त रखने को कहा है, अतः इसका भी पालन किया जायेगा।

श्री यंत्र जिसे श्री चक्र भी कहा जाता है, एक सुंदर और जटिल पवित्र ज्यामिति है जिसका उपयोग पूजा, भक्ति और ध्यान के लिए किया जाता है। यह हजारों वर्षों से उपयोग में है और इसकी उत्पत्ति अज्ञात है.

- Sponsored -

- sponsored -

परन्तु भारतीय पुराणों और धार्मिक किताबों में कई कथाएं कही गयी हैं, जिनके  कई सांकेतिक महत्व के हो सकते है….जरुरत तो उनकी सच्चाई को समझने की है….

सबसे पहले समझिये “यन्त्र है क्या?”  यंत्र  जो संस्कृत का  शब्द है, जिसका शाब्दिक रूप से मतलब “मशीन” होता है।  इसके आलावा एक रहस्यमय चित्र है, जो मुख्य रूप से भारतीय धर्मों की तांत्रिक परंपराओं से है। उनका उपयोग मंदिरों या घर पर देवताओं की पूजा के लिए किया जाता है; ध्यान में सहायता के रूप में; हिंदू ज्योतिष और तांत्रिक ग्रंथों के आधार पर उनकी कथित गुप्त शक्तियों द्वारा दिए गए लाभों के लिए उपयोग किया जाता है.

वे मुख्य रूप से अपने सौंदर्य और सममित अर्थात  geometric गुणों के कारण, मंदिर के फर्श के डेकोरेशन   के लिए भी उपयोग किए जाते हैं। विशिष्ट यन्त्र  पारंपरिक रूप से विशिष्ट देवताओं से जुड़े होते हैं.

ऋग्वैदिक संस्कृत में इसका अर्थ था, “यं”  से संयम, बन्धन , एक सहारा, सहारा या अवरोध, “यथाशक्ति, समर्थन” और “त्र”  मतलब  इंस्ट्रूमेंट्स या मशीन । सुश्रुत की चिकित्सा शब्दावली में शाब्दिक अर्थ अभी भी स्पष्ट है, जहां शब्द चिमटी या इसके जैसे सर्जिकल उपकरणों  के लिए किया गया है। मध्यकाल में “रहस्यमय या मिस्टिकल या फिर occult ” के लिए भी किया गया है.

- Sponsored -

- Sponsored -

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

- Sponsored -

- Sponsored -

- Sponsored -

- Sponsored