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क्राइम कथा – धोखेबाज हत्यारा हमसफर

Special crime story,

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उस दिन जनवरी 2020 की 7 तारीख थी शाम के 7:00 बज रहे थे हर रोज की तरह घरेलू नौकरानी पूजा जयपुर की यूनिक टावर सोसाइटी के आई ब्लॉक स्थित रोहित तिवारी फ्लैट नंबर 103 पर काम करने के लिए पहुंची उसने डोर बेल बजाई तो मालकिन श्वेता तिवारी ने दरवाजा नहीं खोला नहीं अंदर से कोई हलचल सुनाई दी।

पूजा ने दरवाजे को अंदर की ओर धकेला तो वह खुल गया , नौकरानी कमरे के अंदर पहुंची तो उसके मुंह से चीख निकल गई,कमरे के अंदर पलंग पर मालकिन श्वेता तिवारी मृत पड़ी थी, उसका मुंह खून से लाल था। पूजा चीखते चिल्लाते बाहर निकलीऔर पास पड़ोस के फ्लैट में रहने वाले लोगों को जानकारी दी। मर्डर की खबर से सोसाइटी में हड़कंप मच गया लोगों की भीड़ जुटने लगी इसी बीच किसी ने प्रताप नगर थाने पुलिस को सूचना दे दी।

पॉश सोसाइटी के फ्लैट में हत्या की सूचना पाकर प्रताप नगर थाना प्रभारी पुलिस टीम के साथ मौके पर आ गए उन्होंने यह खबर वरिष्ठ अधिकारियों को दी और पूछताछ में जुट गए पूछताछ में पता चला कि जिस फ्लैट में मर्डर हुआ है वह रोहित तिवारी का है रोहित तिवारी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन में सीनियर मैनेजर है और एयरपोर्ट पर फ्यूल इंचार्ज के रूप में तैनात है। मर्डर उनकी पत्नी श्वेता तिवारी का हुआ है, हत्या का मामला हाईप्रोफाइल था सूचना पाकर पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव डीआईजी सुभाष बघेल एएसपी डॉ अवधेश सिंह एसपी डॉक्टर सतीश कुमार समेत अन्य पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर आ गए। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड को भी बुला लिया पुलिस अधिकारियों ने जयपुर एयरपोर्ट पर तैनात रोहित तिवारी को भी बुलाया रोहित तिवारी थोड़ी देर पर घर पर आ गए। रोहित ने फ्लाइट के अंदर देखकर पुलिस अधिकारियों को बताया कि बेड पर पड़ी लाश उनकी पत्नी श्वेता तिवारी की है लेकिन उसके 21 माह के मासूम बेटे श्रीयम का पता नहीं है, रोहित की बात सुनकर पुलिस अधिकारी सन्न रह गए क्योंकि अभी तक जानकारी हत्या की थी लेकिन अब उसके साथ श्री एम के अपहरण की बात भी सामने आ गई थी।

पुलिस अधिकारियों ने हत्या और अपहरण के इस मामले की गंभीरता से लेते हुए घटनास्थल पर बारीकी से निरीक्षण शुरू किया कमरे के अंदर पड़े बेड पर 30 32 वर्षीय वर्षीय श्वेता तिवारी की लाश पड़ी थी उसके शरीर से खून रिस रहा था जिससे उसका चेहरा खून से लाल हो गया था उसका गला भी रेता गया था, सिर पर भी जख्म था। बेड पर खून से सना चाकू पड़ा था बेड के नीचे अदरक कूटने वाली लोहे की मूसली पड़ी थी बिस्तर भी खून से तरबतर था खून की बूंदे दीवार पर दिखाई दे रही थी कमरे में रखी प्लास्टिक टेबल पर चाय के दो कप रखे थे, जिसमें कुछ चाय बची हुई थी, श्वेता तिवारी का मोबाइल फोन भी गायब था।

घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद पुलिस अधिकारियों ने अनुमान लगाया कि श्वेता का हत्यारा कोई करीबी ही रहा होगा जिसके आने पर श्वेता ने दरवाजा खोला और कमरे में बिठाकर चाय पिलाई इस बीच हत्यारे ने अंदर से अदरक कूटने वाली मूसली से उसके सिर पर प्रहार कर पलंग पर गिरा दिया होगा फिर चाकू से उसका गला रहता होगा इसके बाद वह बेटे का अपहरण कर ले गया होगा पुलिस हत्या में प्रयुक्त चाकू और मुसली को सुरक्षित कर लिया फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर निरीक्षण किया और दीवार प्याले फास्फेटसे फिंगरप्रिंट उठाए डॉग स्क्वायड ने सुराग के लिए खोजी कुत्ते को छोड़ा खोजी कुत्ता घटनास्थल को सुनते हुए पहुंचकर बाहर निकला और रोहित के कार के दो चक्कर काटे कुछ देर तक व रोहित के आसपास भी मंडराते रहा इससे टीम को रोहित पर शक हुआ किंतु उसके खिलाफ कोई पक्का सबूत न मिलने से उससे ज्यादा पूछताछ नहीं की गई।
निरीक्षण के बाद पुलिस अधिकारियों ने मृतक श्वेता का शव पोस्टमार्टम के लिए जयपुर के महात्मा गांधी अस्पताल भिजवा दिया श्वेता तिवारी का मायका उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित सर्वोदय नगर में था और ससुराल गांधी नगर दिल्ली में थी। रोहित ने फोन कर श्वेता की हत्या और मासूम श्री एम के अपहरण की जानकारी अपने माता-पिता और ससुराल वालों को दे दी बेटी की हत्या की खबर पाकर श्वेता के पिता सुरेश कुमार मिश्रा और उनकी पत्नी माधुरी मिश्रा घबरा गई परिवार में कोहराम मच गया वह बेटे शुभम और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ निजी वाहन से जयपुर के लिए रवाना हो गए अब तक श्वेता तिवारी की हत्या की खबर टीवी चैनलों पर प्रसारित होने लगे वह मोबाइल फोन पर रास्ते पर हत्या की जानकारी लेते रहे पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव ने सत्य और अपहरण के मामले को बेहद गंभीरता से लिया उन्होंने 22 महीने के श्रीयएम का पता लगाने के लिए छह थाना प्रभारी 30 और पुलिस के 100 जवानों को लगा दिया भारी भरकम पुलिस फोर्स ने डीएसपी पूर्वी राहुल जैन एसपी डॉक्टर सतीश कुमार के निर्देशन में स्वयं की खोज आरंभ की इसके बारे में पुलिस ने तकरीबन डेढ़ सौ लोगों की पूछताछ की दर्जनों लोगों को हिरासत में लेकर उनसे कड़ाई से की पूछताछ की सैकड़ों की कॉल डिटेल निकलवाई, तकनीक का सहारा लिया लेकिन श्रीयम का कोई सुराग नहीं मिला नहीं श्वेता के हत्यारों का।

पुलिस अधिकारी रात भर रोहित तिवारी के फ्लैट पर जुटे रहे एसपी डॉक्टर सतीश कुमार एएसपी डॉ अवधेश सिंह तथा सीओ संजय शर्मा अन्य पुलिसकर्मियों के साथ में जांच में डूब चुके थे वह सीसीटीवी फुटेज खंगाल चुके थे और कमरे का हर चीज का निरीक्षण कर रहे थे तभी रोहित तिवारी के मोबाइल पर एक मैसेज आया मैसेज देखकर वह चीख पड़ा, सर देखो यह श्रियम अपहरणकर्ता का मैसेज आया है उसने 30 लाख फिरौती की मांग की है।

फिरौती का मैसेज मृतिका श्वेता तिवारी के मोबाइल नंबर से भेजा गया था रोहित ने उसी नंबर पर कॉल बैक कर कहा कि फिरौती की रकम देने के लिए तैयार है लेकिन पहले श्रियएम का चेहरा दिखाइए लेकिन फोन करने वाले ने चेहरा नहीं दिखाया और फोन डिस्कनेक्ट कर दिया।
पुलिस अधिकारियों को की समझ में यह नहीं आ रहा था अपहरणकर्ता को रोहित का मोबाइल नंबर कैसे मिला क्या आप हरता रोहित की जान पहचान का है पुलिस अधिकारी अभी जांच कर ही रहे थे कि सुबह मृतिका श्वेता तिवारी के मां-बाप व अन्य परिजन रोहित के फ्लैट पर आ गए श्वेता के पिता सुरेश कुमार मिश्रा तथा मां माधुरी मिश्रा ने आते ही एसपी सतीश कुमार को बताया कि उसकी बेटी की हत्या उनके दमाद रोहित ने की है।
5 जनवरी को मोबाइल रिचार्ज ना करवाने की बात को लेकर रोहित और श्वेता के बीच झगड़ा हुआ था मारपीट करने के बाद रोहित ने उनके मोबाइल पर फोन किया था उसने गुस्से में कहा था कि पापा जी हम बहुत परेशान है आपको जितना रुपए चाहिए ले लो लेकिन श्वेता को अपने साथ ले जाओ नहीं तो मैं उसकी हत्या कर दूंगा इस पर उन्होंने रोहित को समझाने का प्रयास किया तो उसने फोन काट दिया इसके बाद उन्होंने श्वेता को कॉल करके समझाया था लेकिन यह नहीं सोचा था कि रोहित हत्या कर ही देगा ।

रोहित जिस तरह से बार-बार अपनी बेहूदा बेगुनाही का सबूत दे रहा था और हत्या के समय अपनी मौजूदगी ऑफिस में बता रहा था ।
उससे पुलिस अधिकारियों को उस पर शक बढ़ता जा रहा था लेकिन जब मृतिका के मां-बाप ने भी उस पर सीधे तौर पर हत्या का आरोप लगाया तो पुलिस का शक उस पर गहराने लगा।

8 जनवरी 2020 की दोपहर 3:00 बजे हल्ला मचा की एक बच्चे का शव रोहित के फ्लैट के बाउंड्री वॉल के पीछे झाड़ियों में पड़ा है पुलिस ने झाड़ियों से शव को बाहर निकाला 100 तौलिए में लिपटा था तो लिया हटाया गया तो सभी अवाक रह गए शव श्रीयम का ही था उसका गला दबाकर हत्या की गई थी स्वयं का सिर भी कुचला गया था जिस श्रीयम को खोजने के लिए पुलिस के 100 जवान पसीना बहा रहे थे उसका शव घर के पीछे झाड़ियों में पढ़ा था नाती की लाश देखकर सुरेश कुमार मिश्रा और उनकी पत्नी माधुरी मिश्रा फफक पड़ी बेटे शुभम ने मां-बाप को धैर्य बढ़ाया ।

मासूम श्रीयम की हत्या की जानकारी पाते ही पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव तथा डीएसपी पूर्वी राहुल जैन वहां आ गए उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों से कहा कि मां के बाद बेटे की हत्या दिल को झकझोर देने वाली है, ऐसे क्रूर हत्यारों का वह जल्द से जल्द सलाखों के पीछे देखना चाहते हैं इसके बाद उन्होंने श्रीयम का शव का पोस्टमार्टम के लिए महात्मा गांधी अस्पताल भेजा भारी पुलिस सुरक्षा के बीच तीन डॉक्टरों के पैनल ने श्वेता और उसके मासूम बेटे श्रीयम का शव का पोस्टमार्टम किया पोस्टमार्टम के बाद दोनों केशव मृतिका के पति रोहित के बजाय मृतिका के माता-पिता को सौंप दिए गए सुरेश कुमार मिश्रा बेटी और नाती श्रीयम का शव सर्वोदय नगर कानपुर स्थित अपने घर ले आए वहां भैरव घाट पर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
अंतिम संस्कार का दृश्य बड़ा ही हृदय विदारक था, शव यात्रा के समय 22 महीने का श्रीयम का शव श्वेता के गोद में था ठीक इसी तरह उन्हें चिता पर लेता लिटाया गया श्वेता का एक हाथ बेटे के ऊपर था ठीक वैसे ही जैसे कोई सोई हुई मां अपने बेटे को अपनी बाहों में सुरक्षा देती है श्मशान घाट पर जिसने यह भी दृश्य देखा उसका कलेजा फट गया लोग भी अपनी आंखों से आंसू नहीं रोक पाए।

उधर डबल मर्डर की गुत्थी सुलझाने के लिए जयपुर पुलिस अधिकारियों ने मृतिका के पति रोहित तिवारी पर शिकंजा कसा और उसे सख्ती से पूछताछ की पुलिस अधिकारियों से एयरपोर्ट ले गए और घटना वाले दिन यानी 7 जनवरी की सीसीटीवी फुटेज खंगाली। पता चला कि उस रोज रोहित तिवारी सुबह 9:00 बजे एयरपोर्ट पहुंचा था और पत्नी की हत्या सूचना मिलने के बाद एयरपोर्ट से घर निकला था फुटेज किस से यह भी पता चला है रोहित घटना के समय वहां एक बैठक में मौजूद था पुलिस अधिकारियों को उसके मोबाइल की लोकेशन भी एयरपोर्ट की ही मिल रही थी सारे सबूत रोहित के पक्ष में जा रहे थे जिससे पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर पा रही थी यद्यपि पुलिस अधिकारियों को पक्का यकीन था कि दूरी हत्या में रोहित का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से हाथ हो सकता है पुलिस ने रोहित पर कड़ा रुख अपनाया तो पुलिस पर दबाव बनाने के लिए उसने कोर्ट का रुख किया 9 जनवरी को रोहित ने जयपुर के निचली अदालत में अपने वकील दीपक चौहान के मार्फत प्रार्थना पत्र देकर पुलिस पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया कोर्ट ने इस पर प्रताप नगर थाना प्रभारी को 10 जनवरी को प्रकरण से जुड़े तथ्यों के साथ उपस्थित होने का आदेश दिया।

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रोहित किस कार्रवाई से पुलिस बौखला गई जिस मोबाइल फोन से रोहित के मोबाइल पर मैसेज किया गया था पुलिस ने उस मोबाइल फोन की जांच में जुट गई जांच से पता चला कि श्वेता अपने मोबाइल में पैटर्न लॉक लगा दी थी जिसे कोई दूसरा नहीं खोल सकता था इसका मतलब यह था कि मैसेज कर्ता ने श्वेता का सिम निकाल कर किसी दूसरे मोबाइल में डाला था मैसेज करते समय इस मोबाइल की लोकेशन जयपुर के सांगानेर की मिली थी पुलिस उनके एमआई नंबर के सारे उस दुकानदार तक पहुंची जहां से वह हैंडसेट खरीदा गया था।

वहां से मोबाइल खरीदार के बारे में जानकारी नहीं मिली तो उसके फोन की एम आई नंबर ड्रेस कर पुलिस मैसेज कर्ता तक पहुंच गई पुलिस मैसेज कर्ताउसके घर से पकड़ कर थाने लेकर आई उसने अपना नाम सौरभ तिवारी भरतपुर राजस्थान तथा पतासांग्स और बताया उससे जब श्वेता और उसके मासूम बेटे श्रीयम की हत्या का संबंध से पूछा गया तो उसने ऐसा कुछ करने से इनकार किया लेकिन जब उससे सख्ती की गई तो वह टूट गया और दोहरी हत्या करने का जुर्म कबूल कर लिया ।

सौरभ चौधरी ने  बताया कि रोहित तिवारी ने ही उसे ₹20000 देकर पत्नी और बेटे की हत्या की सुपारी दी थी मतलब साफ था कि डोरी हत्या की साजिश रोहित नहीं की थी सौरभ से पूछताछ के बाद पुलिस अधिकारियों ने 10 जनवरी 2020 को रोहित तिवारी को भी बंदी बना लिया।

थाने में जब उसका सामना सौरभ चौधरी से हुआ तो उसका चेहरा लटक गया उसमें सहेजी श्वेता तिवारी की हत्या का जुर्म कबूल कर लिया डबल मर्डर के हत्यारे के पकड़े जाने की जानकारी पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव राहुल जैन को हुई तो वह थाना प्रतापनगर आ गए उन्होंने आरोपियों से पूछताछ की फिर प्रेस वार्ता कर घटना का खुलासा किया सुखी आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया था इसलिए थाना प्रभारी ने भारतीय दंड विधान की  धारा 302, 201 तथा 120 बी के तहत तिवारी तथा रोहित तिवारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली पुलिस द्वारा पूछताछ करने पर की सच्चाई सामने आई जिसने अपनी दूसरी शादी रचाने के लिए पत्नी और बच्चे की साजिश रच डाली।

उत्तर प्रदेश के कानपुर महानगर के काकादेव थाना अंतर्गत एक मोहल्ला है सुरेश कुमार मिश्रा अपने परिवार के साथ ही सर्वोदय नगर में रहते थे उनके परिवार में पत्नी माधुरी मिश्रा और 1 बेटे और तीन बेटियां थी, मिश्रा जी अपने दो बेटियों की शादी कर चुके थे श्वेता सुरेश कुमार मिश्रा की सबसे छोटी बेटी थी वह दोनों बहनों में सबसे ज्यादा खूबसूरत थी आंखों पर काला चश्मा लिखा लगाकर जब घर से बाहर निकलती थी तो लोग उसे मुड़ मुड़कर देखते थे लेकिन उसने किसी को भाव नहीं दिया श्वेता कानपुर से छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय से b.a. किया था वह आगे की पढ़ाई जारी रखना चाहती थी ताकि अपने पैरों पर खड़ी हो सके लेकिन उसके पिता सुरेश कुमार मिश्रा कोई अच्छा बात ढूंढ कर उसके हाथ पीले करने चाहते थे उन्होंने बर के लिए खोज शुरू की इसी खोज में रोहित तिवारी पसंद आ गया।
रोहित के पिता उमाशंकर तिवारी मूल रूप से औरैया जनपद के गांव काट कंठी पुर के रहने वाले थे लेकिन वह दिल्ली के गांधीनगर में रघुवर पुरा स्थित माता मंदिर वाली गली में रहते थे उमाशंकर तिवारी के परिवार में पत्नी कृष्णा देवी क्या लाभ है बेटा रोहित और दो बेटियां थी बेटियों की शादी व कर चुके थे रोहित अभी कुंवारा था रोहित पढ़ा-लिखा हैंडसम युवक था वह इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन में मैनेजर था उसकी पोस्टिंग दिल्ली में ही थी सुरेश कुमार मिश्रा ने रोहित को देखा तो अपनी बेटी श्वेता के लिए पसंद कर लिया।


फिर 24 जनवरी 2011 को रीति-रिवाज के साथ रोहित के साथ श्वेता का धूमधाम से विवाह कर दिया उसकी शादी में उन्होंने लगभग ₹3000000 खर्च किए थे।
शादी के बाद श्वेता और रोहित ने बड़े प्रेम से जिंदगी का सफर शुरू किया हंसते खेलते 2 साल कब बीत गए दोनों को मैं किसी को पता नहीं चला लेकिन 2 साल में श्वेता मां नहीं बन पाई सूनी गोद का दर्द श्वेता और रोहित को था वही श्वेता के सास-ससुर को बीटीसी थी सास कृष्णा देवी तो श्वेता को ताने देने लगी थी इतना ही नहीं श्वेता को कम दहेज लाने की बात कही जाने लगी उसके हर काम में कमी निकाले जाने लगी यहां तक कि उसके खान-पान और पहनावे पर भी सवाल उठाए जाने लगे उसे तब और गहरी चोट लगी जब उसे पता चला कि उसका पति रोहित के साथ किसी और लड़की से नाजायज संबंध है जो उसके साथ कॉलेज में पढ़ती है 2013 में जो श्वेता की प्रताड़ना बढ़ गई तो वह ससुराल छोड़कर मायके आ गई यहां वह 7 महीने रही उसके बाद एक प्रतिष्ठित कांग्रेसी नेता ने बीच में पड़कर समझौता करा दिया उसके बाद सुरेश कुमार मिश्रा ने श्वेता को ससुराल भेज दिया ससुराल में कुछ समय तक तो उसे ठीक से रखा गया लेकिन उसे फिर से प्रताड़ित किया जाने लगा मां-बाप की नुक्ताचीनी पर रोहित उसे पीट देता था कृष्णा देवी तो सीधे-सीधे बाद सोने का ताना लगे नाना नूतन और भाई मीनाक्षी भी अपने मां बाप और भाई का ही पक्ष लेकर प्रताड़ित करती थी ससुराल वालों की प्रताड़ना से दुखी होकर श्वेता एक रोज अपनी बड़ी बहन सपना को खत भेजा जिसमें उसने अपना दर्द बयां करते हुए लिखा कि सपना दीदी रोहित और उसके मां-बाप मुझे बहुत परेशान करते हैं चैन से जिंदगी जीने नहीं देते हैं सब पीटते मुझे नीचा दिखाने की कोशिश करते हैं खाने को भी नहीं देते यहां तक कि पानी पर सवाल उठाते हैं।
मुझे यह भी पता चला है कि रोहित के संबंधित किससे है वह उसके साथ कॉलेज के समय की दोस्त है वह उसी से प्यार करता है यही वजह है कि वह मुझे प्रताड़ित करता है मेरी हर बात उसे बुरी लगती है मामूली बातों पर बम मारपीट कर घर जाने को कहता है सास ससुर भी उसी का साथ देते हैं नौकरानी की तरह दिन भर घर का काम करवाते हैं यदि मेरे साथ कोई अप्रिय वारदात हो तो यह सभी जिम्मेवार होंगे।
छोटी बहन का डर सुनकर सपना बहुत दुखी हुई उसने सारी बात मां-बाप को बताई तब सुरेश कुमार मिश्रा ने दामाद रोहित और उसके मां बाप से बात की और अनुरोध किया कि श्वेता को प्रताड़ित ना करें इतना ही नहीं उन्होंने श्वेता को भी समझाएं कि परिवार में सामंजस्य बनाए रहे लेकिन सुरेश कुमार के अनुरोध का रोहित पर कोई असर नहीं पड़ा उसके परिजन उसे प्रताड़ित करते रहे प्रताड़ना बदस्तूर जारी रहा इस तनाव भरी जिंदगी के बीच रोहित का तबादला उदयपुर के महाराणा प्रताप एयरपोर्ट पर हो गया श्वेता दिल्ली छोड़ पति के साथ उदयपुर चली गई उदयपुर में श्वेता ने अप्रैल 2018 में बेटे को जन्म दिया जिसका नाम श्री ओम रखा बेटे के जन्म के बाद श्वेता का लगा कि उसकी खुशियां वापस आ जाएगी पति के स्वभाव में भी परिवर्तन आ जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

बेटे के  जन्म से  रोहित को खुशी ना मिली ना ही उसके स्वभाव में परिवर्तन आया उसकी प्रताड़ना बदस्तूर जारी रहा रोहित के माता-पिता भी श्री राम के जन्म पर खुश नहीं नजर आए उदयपुर एयरपोर्ट पर तैनात किक के दौरान रोहित तिवारी की मुलाकात सहकर्मी हरिसिंह से हुई हरि सिंह की दोस्ती धीरे-धीरे गहरी हो गई हरि सिंह अपनी पत्नी सुधा सिंह को साथ लाकर रोहित के घर आने लगा सुधा से मिलनसार थी इसलिए श्वेता और सुधा अपना दुख एक दूसरे को शेयर कर लेती थी श्वेता ने प्रताड़ित किए जाने के बाद सुधा शेयर की थी सौरभ चौधरी हरि सिंह का साला था वह भरतपुर में रहता था और हैंडीक्राफ्ट का काम करता था हरि सिंह के मार्फत हुआ सौरभ की जान पहचान रोहित से हुई वह रोहित के घर आने लगा उसने श्वेता से भी पहचान बना ली थी और खूब बताने लगा सौरभ जब भी रोहित से मिलना आता वह उसे शराब पिलाता था इधर श्री राम के जन्म के बाद रोहित तिवारी का ट्रांसफर जयपुर हो गया जयपुर में रोहित ने प्रतापनगर थाना क्षेत्र के जंग जगतपुरा में स्थित यूनिक्स टावर सेक्टर 26 आई ब्लॉक में फ्लैट 103 किराए पर ले लिया और पत्नी श्वेता और बेटे श्रीएम के साथ रहने लगा।
जयपुर आकर भी श्वेता रोहित के बीच तनाव बरकरार रहा दोनों चौक का छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा और मारपीट होती रहती थी हरि सिंह का साला सौरभ चौधरी यहां भी रोहित से मिलने आता था उन दोनों की तनाव भरी जिंदगी के बारे में जानकारी थी रोहित कभी कभी शराब के नशे में कर देता था कि वह झगड़ालू श्वेता से छुटकारा पाना चाहता है।
दिसंबर 2019 की बात है रोहित को कंपनी के काम से 8 से 23 दिसंबर के लिए शहर से बाहर जाना था इसलिए वह श्वेता को अपने मां बाप पर के पास दिल्ली छोड़ आया फिर वह कोलकाता गया फिर मुंबई गया 21 दिसंबर को मुंबई से दिल्ली आया घर वालों ने हमेशा की तरह श्वेता के खिलाफ भड़काया तब दोनों के बीच झगड़ा हुआ इसके बाद वह स्वेता को लेकर कार से जयपुर आ गए। घर आकर श्वेता ने अपनी मां माधुरी को फोन पर बताया कि रोहित ने 272 किलोमीटर के सफर में पानी नहीं पीने दिया और झगड़ा करता रहा।
अब तक रोहित अपनी शादीशुदा जिंदगी से ऊब चुका था वह दूसरी शादी रचा कर नई जिंदगी की शुरुआत का सपना देखने लगा लेकिन एक पत्नी के रहते दूसरी शादी नहीं कर सकता था उसने श्वेता की हत्या के साथ मासूम स्वयं का भी हत्या कराने का फैसला लिया था कि शादीशुदा जिंदगी का नामोनिशान मिट जाए जिंदगी की बैक डेट  को ही डिलीट करना चाहता था।
3 जनवरी 2020 को रोहित ने सौरव को फोन कर जयपुर एयरपोर्ट के पास होटल फ्लाइटव्यू में बुलाया वहां रोहित ने सौरभ के साथ बैठकर पत्नी और बेटे की हत्या की साजिश रची साजिश इस तरह रची कि रोहित का नाम सामने नहीं आए रोहित ने हत्या के लिए सर्व को ₹20 हजार भी दे दिए दरअसल सौरभ चौधरी शादीशुदा था रोहित के तरह वह भी अपनी पत्नी से परेशान रहता था और पत्नी से छुटकारा पाना चाहता था इसलिए दोनों के बीच तय हुआ कि पहले हुआ रोहित का साथ देगा फिर रोहित उसकी पत्नी की हत्या में वह उसका साथ देगा यही कारण था मात्र ₹20000 में सौरभ डबल मर्डर को राजी हो गया ।

5 जनवरी 2020 को मोबाइल रिचार्ज ना कराने की लेकर रोहित और श्वेता के बीच झगड़ा और मारपीट हुई। इसके बाद उसने श्वेता के पिता सुरेश कुमार मिश्रा को फोन कर झगड़े की जानकारी दी और गुस्से में कहा कि पापा जी सीता को ले जाइए मैं इसका मुंह नहीं देखना चाहता आपको जितना पैसा चाहिए ले लीजिए अंत या मैं इसकी हत्या कर दूंगा। दमाद की धमकी सुनकर सभी सुरेश कुमार मिश्रा घबरा उठे उन्होंने दमाद को भी समझाया बेटी को भी लेकिन समझाने के बावजूद रोहित का गुस्सा ठंडा नहीं होगा उसने फोन कर सौरभ चौधरी को जयपुर बुला लिया और श्वेता तथा उसके मासूम बेटे श्रीएम की हत्या की पूरी योजना तैयार करके हत्या का दिन तारीख और समय तय कर दिया योजना के मुताबिक सुबह 7 जनवरी 2020 की सुबह 9:00 बजे रोहित जयपुर एयरपोर्ट पहुंच गया और अपने काम में लग गया वहां एक मीटिंग में भी शामिल हुआ वहां लगे सीसीटीवी कैमरों के सामने आता जाता रहता कि उसके फोटो कैमरे में कैद हो जाए ।
इधर योजना के मुताबिक सौरभ चौधरी भी 7 जनवरी को दोपहर बाद लगभग 2:00 बजे रोहित की यूनिक टावर अपार्टमेंट स्थित फ्लैट पर पहुंचा और डोर बेल बजाई श्वेता ने दरवाजा खोला तो सामने सौरभ खड़ा था।
चुकी सौरभ को श्वेता जानती पहचानती थी इसलिए उसने घर का दरवाजा खोलकर अंदर बैठा या फिर उसने दो कप चाय बनाइए दोनों ने बैठकर चाय पी चाय पीकर दोनों ने कब प्लास्टिक की टेबल पर रख दिए इसी बीच श्वेता दूसरे कमरे में चली गई जहां उसका बेटा श्रीएम सो रहा था तभी मौका पाकर सौरभ रसोई में गया और अदरक कूटने वाली लोहे की मुश्किल आया चंद मिनटों के बाद श्वेता वापस आए तो सौरव ने अकस्मात श्वेता के सिर पर मूसली से बाहर कर दिया स्वेता सिर पकड़ पर पलंग पर बैठ गई,  इसी बीच सौरभ ने श्वेता को दबोच लिया और मूसली से उसके सिर और चेहरा को कुट डाला इसके बाद वह रसोई में गया चाकू लेकर आया चाकू से श्वेता का गला रेता उसने चाकू पलंग पर फेंक मूसली को पलंग के नीचे फेंक दिया।

श्वेता की हत्या करने के बाद सौरभ चौधरी दूसरे कमरे में पहुंचा जहां मासूम श्रीयम् पलंग पर सो रहा था सौरभ को उस मासूम पर जरा भी दया नहीं आई नहीं उसका कलेजा कापा उसने स्वयं को गला दबाकर मारा फिर उसका सिर भी कूट डाला इसके बाद  में उसका शव तोलिए में लपेटा और बाउंड्री वॉल के पीछे झाड़ियों में फेंक दिया वह फिर से कमरे में आकर श्वेता का मोबाइल फोन अपनी जेब में डाला अपना मुंह पर कपड़ा ढककर फ्लैट से बाहर निकल गया बाद में उसने श्वेता को मोबाइल फोन तोड़ कर सांगनेर के शिकारपुरा की ओर बहने वाली नाले में फेंक दिया और दूसरा फोन खरीद कर फिरौती के लिए रोहित को मैसेज भेजा इधर शाम 4:00 बजे नौकरानी काम करने फ्लैट पर आई तब घटना की जानकारी हुई इसके बाद कोहराम मच गया थाना प्रताप नगर पुलिस को सूचना मिली तो वह मौके पर पहुंची ।

11 जनवरी 2019 को पुलिस ने अभियुक्त रोहित तिवारी तथा सौरभ चौधरी को जयपुर कोर्ट में पेश किया पुलिस ने मृतका का मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद करने के लिए अदालत में अभियुक्तों के लिए 3 दिन की रिमांड पर अर्जी लगाई अदालत ने 2 दिन की रिमांड अर्जी मंजूर कर ली।
रिमांड मिलने पर जब पुलिस ने सौरव से श्वेता के मोबाइल फोन और सिम के बारे में पूछा तो उसने सिम तो बरामद करा दिया लेकिन मोबाइल फोन के बारे में बताएं कि वह मोबाइल तोड़ कर सांगनेर के नाले में फेंक दिया था रिमांड के दौरान पुलिस मोबाइल बरामद नहीं कर सकी जिससे उन दोनों को 13 जनवरी को अदालत में पेश करना पड़ा पुलिस की अर्जी पर अदालत 15 जनवरी तक फिर से रिमांड अवधि बढ़ाई लेकिन पुलिस मोबाइल फोन बरामद नहीं कर सकी इसलिए उसे अदालत में पेश कर जयपुर जिला जेल भेज दिया हरि सिंह को पुलिस ने उदयपुर से हिरासत में जरूर लिया था परंतु बाद में उसे इस मामले में क्लीन चिट दे दी ।


कहानी पुलिस सूत्रों पर आधारित है और सत्य कथा में प्रकाशित है

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