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जिंदल स्टेनलेस को वित्त-वर्ष 2019-20 में 153 करोड़ रुपए का मुनाफा |

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नई दिल्ली : जिंदल स्टेनलेस लिमिटेड (जेएसएल) ने 31 मार्च, 2020 को पूरे हुए वित्त-वर्ष के परिणाम घोषित किए हैं, कंपनी को वित्तवर्ष 2019-20 के दौरान 153 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ जो पिछले वित्त-वर्ष में दर्ज 139 करोड़ रुपए के मुनाफे के मुकाबले 10% अधिक है। इस दौरान कंपनी का एबिट्डा 1,175 करोड़ रुपए रहा जो पिछले साल के मुकाबले 3% अधिक है। वित्त-वर्ष 2019-20 में कंपनी की आय 12,320 करोड़ रुपए रही जो कि पिछले साल के लगभग बराबर है। इस अवधि में कंपनी की बिक्री 915,909 टन रही जो पिछले साल के मुकाबले 7% अधिक है।

दोपहिया वाहन और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र पर होगा ध्यान 

सालाना स्तर पर कंपनी ने 973,995 टन स्टेनलेस स्टील का उत्पादन किया जो कि अब तक का उच्चतम उत्पादन है। इस वित्त-वर्ष में जेएसएल आवश्यक अनुमति हासिल कर सीडीआर ढांचे से सफलतापूर्वक बाहर निकल आई। जेएसएल के प्रबंध निदेशक अभ्युदय जिंदल ने कहा कि इस वित्तवर्ष में जेएसएल का प्रदर्शन संतुलित रहा। आखिरी तिमाही में जीडीपी में नर्मी के चलते हमारे मार्जिन पर असर पड़ा। अब हम अपना ध्यान दोपहिया वाहन और स्वास्थ्य सेवा जैसे विकसित होते क्षेत्रों पर केन्द्रित कर रहे हैं।

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भारतीय स्टेनलेस स्टील उद्योग में घरेलू मांग को पूरा करने की क्षमता और योग्यता दोनों है, लेकिन यह आसियान और एफटीए वाले देशों से होने वाले स्टेनलेस स्टील आयात से लम्बे समय से जूझ  रहा है। हमें उम्मीद है कि सरकार अपने आत्मनिर्भर पैकेज के तहत इस क्षेत्र में सकारात्मक कदम उठाएगी। सरकार द्वारा स्थानीय उत्पादों पर ज़ोर दिये जाने से रोज़गार और अर्थव्यवस्था में मांग बढ़ेगी। इंडोनेशिया से होने वाला स्टेनलेस स्टील आयात वित्त-वर्ष 2018-19 में 75,187 टन से लगभग तीन गुना से भी ज्यादा बढ़कर वित्त-वर्ष 2019-20 में 2,60,881 टन हो गया। इससे भारतीय बाजार में मूल्य और मार्जित पर दबाव पड़ा।

बढ़ते आयात से मुकाबला करने और बाजार में पहुंच बढ़ाने के लिए कंपनी ने वित्त-वर्ष 2019-20 में अपना निर्यात पिछले साल के मुकाबले 21% बढ़ा कर 188,679 टन किया। घरेलू पाइप एवं ट्यूब बाजार में अपनी पहुंच बढ़ाने और भारतीय उपभोक्ताओं को असली स्टेनलेस स्टील उत्पाद मुहैया कराने के लिए कंपनी ने पिछले वित्त-वर्ष के दौरान ‘जिंदल साथी’ नामक को-ब्रांडिंग योजना शुरू की। इस योजना को कंपनी जारी वित्त-वर्ष में भी आगे बढ़ाएगी। वित्त-वर्ष 2019-20 की चौथी तिमाही के दौरान जहां कोविड-19 महामारी के चलते अर्थव्यवस्था नर्म रही, जेएसएल के वित्तीय प्रदर्शन में भी गिरावट देखी गई। तीसरी तिमाही के मुकाबले चौथी तिमाही के दौरान निकल में लगातार आई गिरावट से इंवैंट्री मूल्यांकन और मुनाफे पर नकारात्मक असर हुआ। पिछले वित्त-वर्ष की चौथी तिमाही के मुकाबले, इस तिमाही में बिक्री 2% घटकर 2,21,179 टन रही।

कोरोना लॉकडाउन खुलने के बाद कंपनी अपना परिचालन धीरे-धीरे बढ़ाएगी। स्टेनलेस स्टील क्षेत्र देश के जीडीपी से जुड़ा है, इसीलिए देश भर के आर्थिक रुझान पर पड़ा असर स्टेनलेस स्टील क्षेत्र में भी साफ नजर आएगा। इसके अलावा कुल आर्थिक गतिविधियों में आई बाधा के कारण से निर्माण प्रक्रिया, आपूर्ति तथा नियोजन पर बुरा असर हुआ। कंपनी ने एक आंतरिक कोविड टास्क फोर्स का गठन किया है जो स्थिति पर निगरानी रख रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर फौरन कदम उठाकर परिचालन को स्थिर किया जा सके। मई की शुरुआत से लॉकडाउन में ढील के साथ आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत देखे जा सकते हैं। जेएसएल इस समाय निर्यात ऑर्डर पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

साथ ही वैश्विक बाजार से चीनी उद्योगों के अपेक्षित निकास से भारतीय स्टेनलेस स्टील उद्योग में माँग बढ़ेगी। सरकार के आर्थिक पैकेज, आत्मनिर्भर भारत अभियान से देश के कारोबारी रुझान में सुधार लाने की उम्मीद है। नैशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन और स्वास्थ्य एवं मेडिकल उद्योग में उपकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण जैसी योजनाएँ घरेलू स्टेनलेस स्टील उद्योग के लिए विशेष तौर पर लाभकारी सिद्ध होंगी।

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