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धनबाद : नागरिकता विधेयक पर केन्द्रित रहा PM मोदी का चुनावी भाषण

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गौतम चौधरी

रांची : झारखंड विधानसभा चुनाव को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को कोयलांचल के केन्द्र के रूप में विख्यात धनबाद में चुनावी सभा को संबोधित किया। धनबाद की रैली में प्रधानमंत्री मोदी ने नागरिकता बिल का कार्ड खेला। यही नहीं प्रधानमंत्री मोदी ने यहां बेहद समझदारी से दलित कार्ड का भी दाव खेला। बता दें कि कोयलांचल में 1947 के विभाजन के बाद पाकिस्तान से आए हिन्दू और सिख बड़ी संख्या में आकर बसे हुए हैं। गुरूवार की रैली में मोदी ने उनके जख्म को सहलाने की पूरी कोशिश की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से जो अल्पसंख्यक आए हैं, उनमें ज्यादातर लोग दलित समुदाय से हैं, जिनके साथ वहां पर उत्पीड़न और अत्याचार हुए हैं। पीएम ने कहा कि भाजपा ही है जो संकल्प लेने के बाद पूरा करती है।

उन्होंने कहा कि हम जो वादा करते हैं उसे पूरी ईमानदारी से निभाते हैं। पीएम ने धनबाद की चुनावी सभा में बेहद समझदारी से नागरिकता विधेयक और दलित उत्पीड़न को जोड़ने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि 1947 भारत के टुकड़े हुए 1971 में बंगालदेश बना तो सबसे ज्यादा प्रभावित वहां के अल्पसंख्यक हुए। पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बंगालादेश में अल्पसंख्यक अधिकतर हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन और ईसाई थे। इन लोगों ने 1947 में अलग देश की मांग भी नहीं की थी, उन पर ये बलात थोपा दिया गया। पाकिस्तान में जो हिंदू थे, इनमें ज्यादातर दलित समुदाय के लोग ही थे, जो वहां पर साफ सफाई का काम करते थे। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के जमीनदारों ने अपनी सेवा के लिए उन दलितों को बसाया था। इन दलित के साथ आमनवीय कार्य किए गए और उत्पीड़न हुए।

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इतना ही उनके मंदिर, चर्च और गुरुद्वारों पर भी जुल्म किए गए। इसी के चलते पाकिस्तान से लाखों हमारे साथी भारत आए और दशकों से भारत के अलग-अलग जगह पर रहते हैं। उन्हें राजनीतिक रूप से इस्तेमाल तो किया गया, लेकिन कांग्रेस ने उन्हें नागरिकता नहीं दी। कांग्रेस ने वादा किया था कि पाकिस्तान, बंगलादेश अफगानिस्तान से आए लोगों को नागरिकता देंगे लेकिन कल राज्यसभा में पलट गयी और कांग्रेस ने भी उनके साथ वही किया जो पाकिस्तानियों ने किया। पीएम ने कहा कि अफगानिस्तान में जब तालिबान के हमले बढ़े तो वहां के ईसाई भाई भारत आए। वो भी यहीं के थे।

अब जब हमने ईसाई परिवार, दलित परिवार और वंचित परिवार को नागरिकता देने का प्रावधान बनाया तो कांग्रेस इसका विरोध कर रही है। कांग्रेस को पता है कि दलित और आदिवासियों ने उसे ठुकरा दिया है तो उन्हें एक ही वोट बैंक के सहारा नजर आ रहा है। इसीलिए वो बार-बार नागरिकता कानून से मुसलमानों को भ्रमित कर रहे हैं लेकिन साफ कह दूं कि यहां के रहने वाले किसी भी मुसलमानों को कई परेशानी नहीं होगी।

इसके अलावे नरेन्द्र मोदी ने धारा 370, राम मंदिर, तीन तलाक और किसानों का मुद्दा उठाया। धनबाद और आसपास का इलाका राम मंदिर आन्दोलन से प्रभावित रहा है, इसलिए मोदी मंदिर के मुद्दे को भी उठाए और कहा कि अयोध्या में अब भव्य मंदिर का निर्माण होकर रहेगा।इस रैली में प्रधानमंत्री मोदी ने साफ-साफ संदेश दिया कि वे भारत को एक भू-सांस्कृतिक राष्टÑवाद का केन्द्र बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।

मोदी ने बार-बार ईसाई और दलितों का नाम लिया। इससे उन्होंने दलित और ईसाई मतदाताओं को यह संदेश दिया कि भारत में कांग्रेस जहां एक ओर दलित और ईसाइयों को ठगने का काम किया है वहीं भाजपा इन दोनों समाज के लोगों के लिए एक बड़ा काम किया है। मोदी ने किसानों का भी मुद्दा उठाया। इसके माध्यम से उन्होंने एक खास जाति विशेष के लोगों को साधने की कोशिश की।

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