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निजी स्कूल प्रबंधन की मनमानी जारी, शिक्षा मंत्री के निर्देश के 17 दिन बाद भी नहीं बनी फीस निर्धारण समिति 

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रांची : लॉकडाउन की अवधि में निजी स्कूल फीस लें या नहीं, इसे लेकर राज्य के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो पिछले डेढ़ महीने से लगातार निर्देश दे रहे हैं, लेकिन जमीन पर एक भी काम नहीं हो पाया है। उलट निजी स्कूल प्रबंधन अभिभावकों से न केवल शिक्षण शुल्क वसूल रहा है, अपितु यातायात शुल्क के साथ ही और कई तरह के फीस वसूल रहा है।

निजी स्कूल फीस पर तीन बार बोल चुके हैं शिक्षा मंत्री 

इस मामले में शिक्षा मंत्री अब तक तीन बार बयान दे चुके हैं, लेकिन उनका महकमा ही उनके नियंत्रण में नहीं दिख रहा है। पहली बार शिक्षा मंत्री की अपील पर जैक की ओर से 31 मार्च को सभी निजी स्कूलों के प्राचार्य व प्रबंधकों को पत्र लिखा गया था। दूसरी बार 29 अप्रैल को उन्होंने कमिटी गठित करने की बात कह निजी स्कूलों पर फीस लेने पर रोक लगायी। फिर तीसरी बार 5 मई को जमशेदपुर के सर्किट हाउस में उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों द्वारा लॉकडाउन अवधि की फीस नहीं ली जायेगी।

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स्कूल फीस निर्धारण के लिए बननी थी समिति 

29 अप्रैल को उन्होंने विभागीय बैठक में निजी स्कूल फीस तय करने वाली समिति के गठन की बात कही थी। इसके लिए उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश भी दिये थे, लेकिन 17 दिन बीत जाने के बाद भी उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। दूसरी ओर निजी स्कूल प्रबंधन आॅनलाइन कक्षा के नाम पर अभिभावकों को फीस जमा करने का दबाव बना रहे हैं। कुछ अभिभावकों ने अपने बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखकर स्कूल की सभी प्रकार की फीस जमा कर दी है। महतो के मुताबिक, जिस कमिटी को लॉकडाउन की अवधि की फीस निर्धारित करनी थी, वह कमिटी मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बननी थी। कमिटी में योजना सह वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव, शिक्षा सचिव तथा आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव सदस्य होंगे।

झारखंड ने निजी स्कूलों को कोई आदेश जारी नहीं किया 

लॉकडाउन के दो महीने होने जा रहे हैं, पर शिक्षा विभाग की ओर से किसी तरह का कोई आदेश निजी स्कूल प्रबंधन को नहीं दिया गया है। कई अभिभावकों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा कि हम शिक्षा विभाग के आदेश के इंतजार में बच्चे के भविष्य के साथ नहीं खेल सकते हैं। अभिभावकों का कहना है कि शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो के कई बार आदेश के बाद उम्मीद थी कि फीस को लेकर कुछ न कुछ आदेश आयेगा।

कई राज्यों ने फीस पर लिया निर्णय 

गौरतलब है कि लॉकडाउन की अवधि में फीस नहीं लेने पर देश के कई राज्यों ने निर्णय ले लिया है। हरियाणा सरकार ने निजी स्कूलों को केवल ट्यूशन फीस ही लेने को कहा है। पर वे ट्यूशन फीस में बढ़ोतरी नहीं कर सकते हैं। इसी तरह गुजरात में अभिभावक अपनी सुविधानुसार मार्च से मई माह तक की फीस अगले छह महीने में देंगे। दिल्ली में निजी स्कूल केवल ट्यूशन फीस ही लेंगे। उक्त सभी राज्यों ने स्कूल प्रबंधन को बाकायदा निर्देश जारी कर उसके पालन की बात कही है।

बच्चों के भविष्य को लेकर अभिभावक चिंतित 

अभिभावकों से प्राप्त हो रही सूचना में बताया गया है कि निजी स्कूल की ओर से अब तीन महीने की फीस मांगी जा रही है। शहर के कई सीबीएसई और आइसीएसई बोर्ड से मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों ने अभिभावकों से मार्च से मई महीने तक की फीस मांगी है। अभिभावक यूनियन फीस माफी को लेकर आॅनलाइन अभियान चला रहा है। यूनियन के राष्टÑीय महासचिव अजय राय कई बार प्रदेश सरकार पर आरोप भी लगा चुके हैं, लेकिन सरकार किंकर्तव्यविमूढ़ है।

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