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माननीय उच्चतम न्यायालय ने बहस के दौरान झारखंड सरकार के वकील सलमान ख़ुर्शीद जी को कहा कि मक्का और मदीना की तरह ही देवघर का बाबा बैद्यनाथ जी का मंदिर महत्वपूर्ण है,यदि वहाँ इबादत करने में कोई आपत्ति नहीं है तो देवघर में क्यों? निशिकांत दुबे

बैद्यनाथ मंदिर खोलने के लिये उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत: भाजपा

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रांची, 31 जुलाई (वार्ता) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए खोले जाने के उच्चतम न्यायालय के आदेश का स्वागत किया है।
भाजपा के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर को श्रद्धालुओं केलिये खोले जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग करोड़ों हिंदुओं की आस्था और विश्वास का प्रतीक है। विश्व के विभिन्न कोने से यहां श्रद्धालु आते हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार की अदूरदर्शिता के कारण श्रद्धालु सावन के पवित्र माह में पूजा करने से वंचित रह गए।
श्री प्रकाश ने कहा कि उनकी पार्टी श्रावण माह के शुरू होने से पूर्व ही राज्य सरकार से आग्रह किया था कि कोरोना काल मे उचित व्यवस्था बनाते हुए सरकार मंदिर में पूजा की व्यवस्था सुनिश्चित करे लेकिन सरकार ने भाजपा की इस आग्रह को अनसुना कर दिया।
वहीं, मंदिर खोलने को लेकर झारखंड उच्च न्यायालय से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक याचिका दाखिल करने वाले भाजपा के नेता एवं गोड्डा के सांसद निशिकांत दुबे ने एतिहासिक फैसले के लिए उच्चतम न्यायालय का आभार जताते हुए कहा कि उनकी याचिका पर देश की सबसे बड़ी अदालत ने देवघर एवं बासुकिनाथ मंदिर के साथ-साथ पूरे देश भर के मंदिरों को खोलने एवं पूजा की इजाज़त दी। उच्चतम न्यायालय का निर्णय झारखंड सरकार के मुंह पर तमाचा है। राज्य सरकार को अब सत्ता में बने रहने का एक पल भी अधिकार नहीं है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के रहते सब ठीक होगा।
उल्लेखनीय है कि सावन की अंतिम सोमवारी से दो दिन पूर्व उच्चतम न्यायालय ने देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ एवं दुमका जिला स्थित बासुकिनाथ मंदिर को खोलने का निर्देश दिया है। अदालत ने सांसद निशिकांत दुबे की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। इसके पहले झारखंड उच्च न्यायालय ने सावन के दौरान दोनों मंदिरों में सार्वजनिक पूजा की अनुमति देने से इन्कार कर दिया था। मामले में दाखिल याचिका पर उच्चतम न्यायालय में शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई हुई।
पढ़ें कोर्ट का आदेश

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