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मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री आज सोनिया गांधी संग कर सकते हैं बात

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रांची : हेमंत सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार का समय नजदीक आ गया है। संभावना है कि 15 जनवरी के बाद किसी भी नये मंत्रियों को शपथ दिलायी जायेगी। मंत्रिमंडल विस्तार पर सोमवार को दिल्ली में मुहर लगने की संभावना है। दरअसल कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नागरिकता संशोधन अधिनियम, सीएए समेत अन्य मुद्दों को लेकर दिल्ली में सभी प्रमुख विपक्षी नेताओं की बैठक बुलायी है। इस बैठक में झारखंड के मुख्यमंत्री सह झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन भी शामिल होंगे।

श्री सोरेन रविवार की शाम ही दिल्ली पहुंच चुके थे। सोमवार की बैठक के बाद श्री सोरेन सोनिया गांधी सहित अन्य कांग्रेस के अन्य आला नेताओं से मिलकर मंत्रिमंडल विस्तार पर भी चर्चा किये जाने की संभावना है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक श्री सोरेन के सोनिया गांधी व अन्य आलानेताओं से मिलने का समय तय किया जा चुका है। मुख्यमंत्री भी चाह रहे हैं कि जल्द से जल्द पूर्ण मंत्रिमंडल का गठन हो जाये ताकि खरवांस के बाद सभी मंत्री अपना पद संभाल लें और काम तेजी से शुरू हो जाए क्योंकि जल्द ही बजट सत्र भी आने वाला है। सूत्रों के अनुसार सोनिया गांधी से मुलाकात के दौरान कांग्रेस कोटे से मंत्रियों के नाम के साथ-साथ उनके विभाग भी तय हो सकते हैं। कांग्रेस ने पांच मंत्री सीट पर दावा किया है लेकिन झामुमो चार पद ही देने को राजी है। इस जिच को भी सुलझाया जाना है।

कांग्रेस की ओर से आलमगीर आलम और डॉ रामेश्वर उरांव को मंत्री बनाया जा चुका है। बाकी कौन मंत्री होंगे, यह सोनिया गांधी को ही तय करना है। इसलिए हेमंत सोेरेन की यह मुलाकात अहम होने के साथ-साथ आवश्यक भी है क्योंकि झामुमो को अपने मंत्रियों के नाम खुद तय करने हैं। सिर्फ विभागों का मामला कांग्रेस के साथ मिल बैठकर तय करना जरूरी है। आलमगीर आलम को संसदीय कार्य मंत्री का पद दिया गया है लेकिन डॉ रामेश्वर उरांव को अभी कोई पद नहीं मिला है।

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राजद के सत्यानंद भोक्ता भी अभी विना विभाग के मंत्री हैं। सोनिया से मुलाकात में ये सारे मामले सुलझाये जा सकते हैं। वैसे भी हेमंत मंत्रिमंडल विस्तार से पहले गठबंधन में शामिल कांग्रेस से विचार विमर्श कर लेना चाहते हैं ताकि कोई जिच नहीं रहे। मंत्री बनाने में क्षेत्र और जातीय समीकरण को भी ध्यान में रखा जाना जरूरी है जिसमें कांग्रेस का मंतव्य खास मायने रखता है। संवैधानिक प्रावधान के मुताबिक अभी मंत्रिमंडल में आठ नये सदस्यों को शामिल किया जाना है, इसमें से झामुमो कोटे से पांच या छह और कांग्रेस कोटे से दो या तीन विधायकों को शामिल किया जा सकता है।

संसदीय कार्यमंत्री व कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मंत्रिमंडल का विस्तार जल्द से जल्द करना चाहते हैं। इसलिए सोमवार की बैठक के बाद ज्यादा संभावना है कि मुख्यमंत्री कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी सहित पार्टी के अन्य केंद्रीय नेताओं से मुलाकात कर सकते हैं। जहां तक कांग्रेस के मंत्री पद के कोटे का सवाल है तो पार्टी का दावा पांच मंत्री पद का है। हालांकि न तो पद और न ही विभाग को लेकर हमारे बीच कोई जिच है। सब कुछ सहमति के साथ तय हो जायेगा। हम सभी मिलकर इस सरकार को पूरे पांच साल तक चलायेंगे और राज्य का तेजी से विकास करेंगे। उन्होने बताया कि फिलहाल वह दिल्ली में हैं और उन्हें भी आलाकमान के निर्णय का इंतजार है।

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