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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 20 जिलों के क्वारंटाइन सेंटरों का लिया जायजा, कहा – रोजगार देना हमारा दायित्व : नीतीश

सभी आवासित प्रवासियों का होगा सर्वे काम के लिए मजबूरी में न जाने पड़े बाहर उद्योगों के क्लस्टरों की करें पहचान

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पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शनिवार को भी विभिन्न प्रखंडों के क्वारंटाइन सेंटरों पर ठहरे लोगों से बातचीत की और हालचाल पूछा। क्वारंटाइन सेंटरों पर आवासति व्यक्तियों से उनके सीधा संवाद का मकसद स्पष्ट झलक रहा है। व्यवस्थाओं में कमी को दुरुस्त करना और इसके लिए विकसित तंत्रों को और सुदृढ़ कर पहल से ही लोगों को सरकारी सुविधाओं का लाभ बेरोटोक मिल सकता है। चूंकि यह तो कोरोना के खिलाफ जंग है, लेकिन बिहार बहु आपदा प्रवण राज्य है जिसे बाढ़ और सूखा और बरसात, चक्रवात, ओलावृष्टि और लू का कहर भी अक्सर झेलना पड़ता है। मुख्यमंत्री ने शनिवार को पटना, औरंगाबाद, लखीसराय, भोजपुर, शेखपुरा, नवादा, सुपौल, मधेपुरा, नालंदा और कैमूर सहित 20 जिलों के 40 क्वारंटाइन केंद्रों के आवासितों से सीधी बातचीत की और उनका हौसला बढ़ाया। भोजन-पानी-इलाज और स्वच्छता का बारीक तरीके से जायजा लिया। सबकुछ ठीकठाक रहने से लोगों के चेहरे पर उभरे प्रसन्नता का भाव देखने के बाद ही संतुष्ट हुए।  मुख्यमंत्री क्वारंटाइन केंद्रों पर ठहरे सभी आवासितों का सर्वे कराने का निर्देश देते हुए संकल्प जताया कि रोजगार मुहैया कराना, उनका दायित्व है। वह चाहते हैं कि रोजगार का अवसर सभी को मिले। किसी को मजबूरी में काम के लिए बाहर नहीं जाना पड़े। सब लोगों को रोजगार मिलेगा, तो बिहार की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और बिहार को आगे बढ़ने से कोई रोक नहीं पायेगा। उन्होंने कहा ककि सरकार स्किल प्रवासियों के साथ-साथ हर लोगों को रोजगार मुहैया करायेगी। जो लोग खुद व्यवसाय कर रहे हैं। सरकार की ओर से उन्हें हरसंभव मदद दी जायेगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सभी आवासितों का सर्वे कराने से ही उनकी क्षमताओं का पता लगाया जा सकता है। क्वारंटाइन केंद्रों पर आवासित लोग किस शहर से आए हैं, वहां क्या करते थे। रोजगार करते थे या व्यवसाय में लगे थे। रोजगार के प्रकार क्या थे। प्रवासियों के रोजगार मुहैया कराने के लिए समेकित जानकारी जरूरी है। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि प्रवासियों को बाहर नहीं जाना पड़े इसके लिए उन्हें रोजगार मुहैया कराना जरूरी है। वह चाहते हैं किसी को मजबूरी में काम के लिए बाहर न जाना पड़े। रोजगार के अवसर यहीं पैदा किये जायेंगे।  प्रवासियों की क्षमता के अनुरूप यहीं स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने और उद्योगों के क्लस्टरों की पहचान करने का निर्देश अधिकारियों को दिया। मुख्यमंत्री ने प्रवासियों की कठिनाई पर कहा कि लोगों को बाहर जाकर काम करने में कितनी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उनकी पूरी इच्छा है कि प्रवासी अपने राज्य में ही रहें, यहीं काम करें, उन्हें रोजगार भी मुहैया कराया जायेगा। प्रवासी अपने हुनर की ताकत यहीं दिखाएं और विकास का भागीदार बनें। उन्होंने प्रवासियों को सुरक्षा का भरोसा देते हुए कहा कि आप लागों को यहां किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होने देंगे। हम आपकी चिंता लगातार कर रहे हैं।

 

 

बिहार में उद्योगों की अपार संभावनाएं

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रवासियों का हौसला आफजाई करते हुए कहा कि यहां लघु और सूक्ष्म उद्योगों की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने उद्योगों की फेहरिस्त गिनाते हुए कहा कि मुजफ्फरपुर में चमड़ा और कपड़ा उद्योग को बढ़ावा दिया जायेगा। सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। अधिकारियों से सुस्ती छोड़ उद्योगों को पनपने के लिए लोगों की सहायता करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारी संख्या में प्रवासी बिजली के कार्यों के जानकार हैं। पावर होल्डिंग कंपनियां ऐसे बिजली कारीगरों को रोजगार मुहैया कराये। कहा कि बिजली सेक्टर में काफी काम यहां किये गये हैं। पावर सब स्टेशनों की स्थापना से लेकर बिजली तार बदले गये हैं। कृषि कार्यों के लिए डेडीकेटेट फीडर लगाये जा रहे हैं। बिजली के कुशल मिस्त्रियों को रोजगार मुहैया कराने में कोई कठिनाई भी नहीं होगी। श्रमिकों को रोजगार मुहैया कराने के लिए विभिन्न प्रकार के उद्योगों का आकलन कराया जा रहा है। टास्क फोर्स को उद्योगों की स्थापना के लिए सुझाव देने का निर्देश दिया गया है।

 

खाता विहीन प्रवासियों का खुलवाएं एकाउंट

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अधिकारियों से सख्ती से कहा कि क्वारंटाइन सेंटरों पर आवासित जिन प्रवासियों के राज्य में स्थित किसी बैंक में खाता नहीं है। वैसे प्रवासियों के बैंकों में खाता खुलवाने की सुनिश्चित कार्रवाई करें। आधार और राशन कार्ड से वंचित प्रवासियों को भी इस सुविधा से लैस करने का निर्देश दिया। उन्होंने सख्ती से कहा कि आधार, राशन कार्ड और बैंक खाते खुलवाने में किसी प्रकार का टाल-मटोल नहीं होना चाहिए। वह चाहते हैं कि राशन कार्ड के आधार गरीब प्रवासियों को खाने-पीने के लिए अनाज मिलता रहे। आधार लिंक के अभाव में भी गरीबों को राशन और पारिश्रमिक भुगतान में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। इसमें लगातार सुधार करवाया जा रहा है।

 

क्वारंटाइन में रहने से पजिन रहेंगे सुरक्षित

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रवासियों से क्वारंटाइन का लाभ समझाया। कहा कि कोरोना महामारी से बचाव के लिए ही क्वारंटाइन सेंटरों की स्थापना की गयी है। जिन लोगों ने क्वारंटाइन सेंटरों में 14 दिनों की अवधि पूरी कर ली है। ऐसे लोग हंसी-खुशी अपने-अपने घर जाएं। इससे आपके परिजन भी सुरक्षित रहेंगे। लोग खुद सुरक्षित रहेंगे तो परिवार, समाज और देश भी कोरोना के खतरे से बचा रहेगा। परिवार के स्वास्थ्य की दृष्टि से क्वारंटाइन सेंटरों रहना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने सोशल डिस्टेंसिंग को कोरोना से बचाव का प्रभावी उपाय बताया।

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