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लॉकडाउन में राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री को नहीं भेजी जा सकेगी भागलपुर आम की सौगात

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भागलपुर, 23 मई (वार्ता) कोरोना महामारी की रोकथाम के जारी लॉकडाउन के कारण इस बार राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं देश विशिष्ठ लोग बिहार में भागलपुर जिले का विश्वप्रसिद्ध दूधिया मालदह और जर्दालू आम का स्वाद नहीं चख पाएंगे।
बिहार सरकार के निर्देश पर हर साल भागलपुर जिला प्रशासन खास किस्म वाले जर्दालू आम सौगात के रूप में दिल्ली और पटना के विशिष्ट लोगों को भेजता रहा है। यह परम्परा वर्ष 2007 से तत्कालीन जिलाधिकारी विपिन कुमार की देखरेख में शुरु हुई है।
इसके लिए जिले के सुल्तानगंज प्रखंड के तिलकपुर गांव के मधुकर वाटिका से जर्दालू आम को आकर्षक पैकटों में सजाकर ट्रेन से दिल्ली और पटना भेजा जाता है।वैसे पैकटो की संख्या करीब दो हजार रहती है और उनमे से 1200 दिल्ली एवं करीब 800 पटना के विशिष्ट लोगों के लिए होती है।
दिल्ली में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री के अलावा सभी केन्द्रीय मंत्री, विभिन्न राज्य भवनों के स्थानिक आयुक्तों, नौकरशाहों के यहां तक आम के पैकटें पहुंचती है। इसी तरह पटना में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, सभी मंत्री एवं विभिन्न विभागों के प्रधान सचिवों को आम भेजे जाते हैं। लेकिन, इस बार वैश्विक महामारी कोरोना से उत्पन्न विकट स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार पेशोपेश में है।

भागलपुर जिले में कुल बारह हजार हेक्टेयर भूभाग मे फैले बागीचे में दुधिया मालदह और जर्दालू आम की अच्छी खासी उपज होती है। इस किस्म के आम की ग्राहकों के बीच काफी मांग रहती है।
इस बीच जिला आम उत्पादक संघ के अध्यक्ष अशोक चौधरी ने कहा कि हर साल उनके बागीचे से जर्दालू आम नियत समय पर भेजे जाते रहे हैं। लेकिन, समय नजदीक आने के बाद भी ऐसी किसी तरह की सूचना नहीं मिली है कि इस बार सौगात के रूप में आम भेजे जायेंगे या नहीं। हालांकि उन्होंने कहा कि जून माह के प्रथम सप्ताह से ही आम के पैकट ट्रेन से भेजने शुरु हो जाते थे।
वहीं, जिला उद्यान पदाधिकारी अजय सिंह ने बताया कि इस सिलसिले में मुख्यालय (पटना) से विभाग की ओर से कोई निर्देश नहीं मिला है। अभी समय है और विभागीय अधिकारियों की हरी झंडी मिलने पर इसकी तैयारी शुरू की जायेगी। हालांकि उन्होंने कहा कि देशव्यापी लॉकडाउन में स्थानीय लोगों को मुश्किल से ही सही आम तो मिल ही जाएगा लेकिन हर साल सौगात के रूप में देश के विशिष्ट लोगों को भागलपुर के ये आम नहीं मिल पाएंगे।

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