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संक्रमितों की संख्या में पहले और रिकवरी के मामले में पांचवे पायदान पर पटना

रिकवरी के मामले में मुंगेर पहले, नालंदा दूसरे, रोहतास तीसरे, बक्सर चौथे स्थान पर पटना में 186 संक्रमितों में अब तक 52 ठीक

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पटना। बिहार में कोरोना का कहर जारी है। राजधानी पटना सहित पूरे प्रदेश में पॉजिटिव मरीजों की मिलने का सिलसिला लगातार जारी है। 186 संक्रमितों के साथ पटना पहले स्थान पर जबिक रिकवरी के मामले में पांचवे पायदान पर है। संक्रमितों की कुल संख्या 186 में अब तक 52 ठीक हुए हैं, दो की मौत हुई है, जबकि 132 में केस सक्रिय है। पिछले 10 दिन में 96 नए केस सामने आए। इस दौरान मात्र 17 लोग स्वस्थ हुए, वहीं, एक की मौत भी हुई। बता दें कि 10 दिन पहले 12 मई को कुल 90 संक्रमितों में 35 ने कोरोना को मात दी थी। तीसरे फेज के अंतिम दिन 17 मई को जिले में कुल 58 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इससे पटना में एक दिन के अंदर एक साथ इतनी संख्या में मरीज मिलने का रिकॉर्ड बन गया। वहीं संक्रमितों की कुल संख्या के मामले में पटना मुंगेर को पीछे छोड़कर पहले स्थान पर पहुंच गया। रिकवरी के मामले में मुंगेर पहले, नालंदा दूसरे, रोहतास तीसरे, बक्सर चौथे और पटना पांचवें स्थान पर है। मुंगेर में 137 में 93 ठीक हुए हैं, एक की मौत हुई है, 43 में केस एक्टिव है। नालंदा में 80 में 59 लोगों ने कोरोना को मात दी है, 21 में केस सक्रिया है। रोहतास में 123 में 59 ठीक हुए हैं, एक की मौत हुई है, 63 अभी भी संक्रमित हैं। बक्सर 100 संक्रमितों में 56 स्वस्थ होकर घर लौटे हैं, 44 में केस अभी सकिय है। संक्रमितों की बात करें तो पटना 186, मुंगेर 137, रोहतास 123, बेगूसराय 122, मधुबनी 115 के साथ क्रमश: पहले, दूसरे, तीसरे, चौथे और पांचवें स्थान पर हैं। पटना में शुक्रवार को 9 प्रवासियों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। इनमें 7 अथमलगोला, एक धनरुआ और एक अन्य जगह के हैं। सभी संक्रमितों की उम्र 18 से लेकर 35 के बीच की है। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद अब उनके संपर्क में आए लोगों की पड़ताल की जा रही है। बता दें कि 22 मार्च को दो जिला (पटना और मुंगेर) से संक्रमण का पहला मामला आया था। आज हर जिले में कोरोना ने अपना पांव पसार लिया है। 38 में सात ऐसे जिले हैं जहां संकमितों की संख्या 100 से पार कर गई है। बता दें कि पटना का पहला कोरोना पॉजिटिव 22 मार्च को दीघा की महिला और फुलवारी का युवक था। इन दोनों मरीजों से किसी अन्य को संक्रमण नहीं फैला। पटना में कोरोना संक्रमण फैलाने का पहला जिम्मेदार मुंगेर का सैफ अली था। जिसकी मौत एम्स में इलाज के दौरान हो गई थी। एम्स मे भर्ती होने से पहले उसने पटना के शरणम अस्पताल में अपना इलाज करवाया था। वहां के तीन नर्सिंग स्टाफ उससे संक्रमित हो गए थे। हालांकि उन तीनों से और कोई संक्रमित नहीं हुआ। इसके बाद पटना सिटी से दो मरीज मिले। पटना में कोरोना संक्रमण का ग्राफ खाजपुरा से तेज होना शुरू हुआ। 18 अप्रैल को यहां की महिला उसके बाद 20 मार्च को उसका पड़ोसी संक्रमित मिला। उसके पड़ोसी से संक्रमित होकर मोहल्ले में 22 लोग एक-एक कर संक्रमित हो गए। इसके बाद बीएमपी के एक जवान संक्रमित हुए, जिससे एक-एक करके 45 जवान संक्रमित हो गए। जिले में संक्रमण का दायरा दीघा, फुलवारी शरीफ, खेमनीचक, खाजपुरा, शेखपुरा, जगदेव पथ, पटेल नगर, सुल्तानगंज, आलमगंज, जक्कनपुर, बेऊर, मछलीगली, न्यू पाटलिपुत्रा कॉलोनी, आईजीआईएमएस, नौबतपुर, बाढ़, बेलछी, अथमलगोला, खुशरूपुर, फतुहा और पंडारक, दानापुर, पटना सिटी तक फैल चुका है।

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