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सचिव सूचना एवं जन सम्पर्क, सचिव स्वास्थ्य एवं अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस मुख्यालय ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम को लेकर किये जा रहे कार्यों की अद्यतन जानकारी दी !

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पटना, 11 जुलाई 2020:- सचिव, सूचना एवं जन-सम्पर्क  अनुपम कुमार ने बताया कि कोविड-19 की वर्तमान स्थिति को लेकर राज्य सरकार द्वारा सभी आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। कल माननीय मुख्यमंत्री ने टेस्ट की संख्या तेजी से बढ़ाने का निर्देश दिया है ताकि अधिक से अधिक लोगों की जांच की जा सके। कोविड 19 से संक्रमित रोगियों के लिए जो कोविड केयर सेंटर्स, कोविड हेल्थ सेंटर्स और कोविड हॉस्पिटल्स जैसे तीन स्तर की टेस्ट फैसिलिटीज हैं, उनमें बेड्स की संख्या बढ़ाने का भी निर्देश दिया गया है। इसके अलावा ऑक्सीजन के साथ बेड्स की संख्या बढ़ाने का भी निर्देष दिया गया है। इस दिशा में स्वास्थ्य विभाग काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण से निपटने एवं लॉकडाउन पीरियड में लोगों को राहत पहुंचाने के लिए 8,538 करोड़ रूपये से ज्यादा का व्यय सरकार द्वारा किया गया है। राज्य के बाहर फॅसे 21 लाख से अधिक श्रमिकों को 1,500 से भी अधिक श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के माध्यम से बिहार लाया गया। बाहर से आने वाले सभी श्रमिकों को क्वारंटाइन सेंटर्स में रखा गया तथा रेल किराए के भुगतान के अलावा उन्हें 500 रूपये नकद या कम से कम 1,000 रूपये का भुगतान किया गया। श्रमिकों को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए 4,500 से अधिक बसें लगायी गयी थी। क्वारंटाइन सेंटर्स में रहने वाले लोगों पर 5,300 रूपये प्रति व्यक्ति औसतन व्यय हुआ। इसके अलावा सभी राशन कार्डधारियों को 1,000 रूपये की सहायता दी गयी। राशन कार्ड विहीन सुयोग्य परिवारों के लिए नया राशन कार्ड बनवाया गया और गैर राशन कार्डधारी चिन्हित सुयोग्य परिवारों को भी 1,000 रूपये की आर्थिक मदद दी गयी। नया राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया अभी भी चल रही है।
श्री  कुमार ने बताया कि राशन कार्ड विहीन सुयोग्य परिवारों में नए राशन कार्ड का वितरण तेजी से किया जा रहा है। अभी तक गैर राशन कार्डधारी सुयोग्य परिवारों के लिए 23 लाख 38 हजार से कुछ अधिक नये राशन कार्ड बनाये जा चुके हैं। इनमें से अब तक 13 लाख 20 हजार से अधिक राशन कार्ड वितरित किये जा चुके हैं। इस प्रकार 56 प्रतिशत से कुछ अधिक राशन कार्डों का वितरण किया जा चुका है। विभिन्न पेंशन योजनाओं के अंतर्गत 84 लाख 76 हजार से अधिक पेंशनधारियों के खाते में तीन महीने की अग्रिम पेंशन डी0बी0टी0 के माध्यम से 1,017 करोड़ रूपये की राशि अंतरित की गयी। शिक्षा विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत छात्र/छात्राओं के खाते में 3,261 करोड़ रूपये की राशि स्थानांतरित की गयी। स्कूल बंद होने के कारण मध्याह्न भोजन योजना के अंतर्गत 651 करोड़ रूपये की राशि लाभुक छात्र/छात्राओं के खाते में भेजी गयी। इस वर्ष फरवरी, मार्च और अप्रैल माह में हुई असामयिक वर्षापात और ओलावृष्टि के कारण किसानों की फसल क्षति के लिए कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत 730 करोड़ रूपये की राशि स्वीकृत की गयी थी, जिसमंे से लगभग 570 करोड़ रूपये की राशि 18.5 लाख से अधिक किसानों के खाते में भेजी जा चुकी है। विभिन्न राज्यों में फंसे बिहार के लगभग 21 लाख लोगों के खाते में मुख्यमंत्री राहत कोष से मुख्यमंत्री विशेष सहायता के अंतर्गत प्रति व्यक्ति 1,000 रूपये की राशि दी गयी है। बिहार फाउंडेशन के माध्यम से लोगों को सहूलियत पहुंचाने के लिए अनेक जगहों पर राहत केंद्र चलाए गये। इन राहत केन्द्रों पर 15 लाख से अधिक लोग लाभान्वित हुए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा पूरे बिहार में डोर टू डोर स्क्रीनिंग करायी गयी। बाहर से आये लोगों का स्किल सर्वे कराया गया और उन्हें रोजगार मुहैया कराने के लिए ऐप बनाकर रोजगार दिलाया जा रहा है।
सचिव, सूचना एवं जन-सम्पर्क ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में कोरोना उन्मूलन कोष का गठन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के माध्यम से फंड दिया गया। इसके अलावा माननीय मुख्यमंत्री, अन्य माननीय मंत्रियों तथा विधानमंडल के माननीय सदस्यों द्वारा अपने वेतन का अंष दिया गया, जिसमंे 180 करोड़ रूपये से अधिक की राशि अभी उपलब्ध है। इस राशि को व्यय करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के प्रभारी सचिव को अधिकृत किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में सभी परिवारों को मास्क एवं साबुन का वितरण किया जा रहा है। इसके अलावा शहरी क्षेत्रों में गरीब परिवारों, ठेला वेंडर, दिहाड़ी मजदूर एवं अन्य जरुरतमंद लोगों के बीच मास्क एवं साबुन का वितरण किया जा रहा है। सभी डॉक्टर्स एवं चिकित्साकर्मियों को प्रोत्साहन के रूप में उन्हें एक माह का मूल वेतन देने का निर्णय लिया गया है। कोरोना संक्रमण से दुर्भाग्यवश जिनकी भी मृत्यु हो जाती है, उनके परिजन को मुख्यमंत्री राहत कोष से 4 लाख रूपये देने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा अन्य कई आवश्यक कदम भी उठाये गये हैं। उन्होंने बताया कि रोजगार सृजन पर सरकार का पूरा ध्यान है और लॉकडाउन पीरियड से लेकर अभी तक 5 लाख 20 हजार से अधिक योजनाओं के अंतर्गत 10 करोड़ 37 लाख से अधिक मानव दिवसों का सृजन किया जा चुका है। इस प्रकार बड़े पैमाने पर हर चीज को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक कदम उठाये गये हैं। कोरोना संक्रमण की स्थिति से निपटने के लिए जो लॉकडाउन किया गया, उससे लोगों को राहत दिलाने के लिए सरकार द्वारा सभी आवश्यक कार्रवाई की गयी है। अभी भी लगातार पूरी स्थिति की समीक्षा की जा रही है और संबंधित विभागों को निर्देश दिया जा रहा है। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जो गाइडलाइन जारी की गयी है, उसका सभी लोग अनुपालन करें।
स्वास्थ्य विभाग के सचिव  लोकेश कुमार सिंह ने बताया कि कोरोना से पिछले 24 घंटे में 740 लोग स्वस्थ हुए हैं। अब तक 10,991 लोग कोविड-19 संक्रमण से स्वस्थ हो चुके हैं और इस प्रकार बिहार का रिकवरी रेट 73.08 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटे में कोरोना के 709 नये पॉजिटिव मामले सामने आये हैं और वर्तमान में बिहार के 38 जिलों में कोविड-19 के 3,929 एक्टिव मरीज हैं। सचिव, स्वास्थ्य ने बताया कि पिछले 24 घंटे में 9,108 सैंपल्स की जांच की गई है।
अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस मुख्यालय  जितेन्द्र कुमार ने बताया कि सरकार द्वारा 1 जुलाई से लागू अनलॉक-2 के तहत जारी गाइडलाइन का अनुपालन कराया जा रहा है। पिछले 24 घंटे में कोई कांड दर्ज नही किया गया है और किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी नही हुई है। पिछले 24 घंटे में 474 वाहन जब्त किये गये हैं और 12 लाख 07 हजार रूपये की राशि जुर्माने के रुप में वसूल की गई है। इस प्रकार 1 जुलाई से अब तक 04 कांड दर्ज किये गये हैं और 04 व्यक्तियों की गिरफ्तारी हुई है। कुल 6,862 वाहन जब्त किए गए हैं और लगभग 01 करोड़ 92 लाख रुपए की राशि जुर्माने के रूप में वसूल की गयी है। उन्होंने बताया कि मास्क न पहनने पर भी फाइन का प्रोविजन किया गया है और इस दिशा में भी कार्रवाई की गयी है। पिछले 24 घंटे में मास्क नहीं पहनने वाले 3,457 व्यक्तियों से 01 लाख 73 हजार रूपये की राशि जुर्माने के रूप में वसूल की गयी है। इस प्रकार 05 जुलाई से अब तक मास्क नहीं पहनने वाले 22,164 व्यक्तियों से 11 लाख 08 हजार रूपये की राशि वसूल की गयी है। कोविड-19 से निपटने के लिये उठाये जा रहे कदमों और नये दिशा-निर्देशों का पालन करने में अवरोध पैदा करेने वालों के खिलाफ सख्ती से कदम उठाये जा रहे है।

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