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हर हिन्दुस्तानी के थाल में बिहार का एक व्यंजन हो, यह हमारा उद्देष्य- नीतीश कुमार, मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री ने भारत सरकार द्वारा घोषित आर्थिक पैकेज पर किया विचार-विमर्ष हर हिन्दुस्तानी के थाल में बिहार का एक व्यंजन हो, यह हमारा उद्देष्य है। मखाना इसे पूरा कर सकता है, इससे कृषि रोडमैप में निर्धारित लक्ष्य भी पूरा हो सकेगा:- मुख्यमंत्री मखाना, शाही लीची एवं शहद की बिहार में असीम संभावनायें हैं। इन पर विषेष फोकस करें एवं इनसे जुडे़ उत्पादों की ब्रांडिंग करें:- मुख्यमंत्री मनरेगा में अधिकतम श्रम दिवस की सीमा को 100 से 200 करने तथा स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों के बीमा से संबंधित तिथि विस्तार हेतु केन्द्र से अनुरोध करें:- मुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री का निर्देष – मखाना एवं मखाना उत्पादों को बढ़ावा देने पर बल दें। मखाना का उत्पादन क्षेत्र बढ़ायें, उसकी प्रोसेसिंग एवं मखाना उत्पादों के लिये बाजार को बढ़ावा दें। इसकी ब्रांडिंग भी करें।  मखाना का व्यापार बिहार से ही हो, इसकी योजना बनायें। इससे बिहार की अर्थव्यवस्था भी बढ़ेगी।  मखाना के साथ-साथ शाही लीची, चिनिया केला, आम, फल उत्पादन, मेंथा तेल, खस तेल, कतरनी चावल एवं अन्य कृषि उत्पादों के क्लस्टर को भी बढ़ावा दें।  कृषि उत्पादों के लिये बाजार की उपलब्धता के साथ-साथ पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट पर भी ध्यान दें।  गंगा नदी के तट पर बनाये गये जैविक खेती कोरिडोर में मेडिसिनल प्लांट के उत्पादन को बढ़ावा दें।  लेमन ग्रास, खस तथा मंेथा के उत्पादन एवं उत्पादन क्षेत्र को बढ़ाया जाय।
राजगीर पहाड़ियों पर काफी अधिक संख्या में मेडिसिनल प्लांट हैं, इसका अध्ययन करवायें तथा इनके उपयोग के लिये संस्थागत व्यवस्था की जाय।  बिहार में शहद उत्पादन की असीम संभावनायें हैं। इसके लिये शहद की प्रोसेसिंग यूनिट तथा मार्केटिंग एवं ब्रांड वैल्यू पर विषेष बल दिया जाय। शहद उत्पादन को सहकारी संस्थानों से लिंक किया जाय। शहद से संबंधित वैल्यू एडेड उत्पादों यथा राॅयल जेली, बी0 वैक्स, पौलेन, वेनम आदि, जिनके संबंध में कृषि रोडमैप में भी बल दिया गया है, को बढ़ावा दें।  केन्द्र सरकार एग्रीकल्चर मार्केटिंग रिफाॅर्म लागू करने जा रही है। बिहार में 2006 से ही ए0पी0एम0सी0 खत्म कर दी गयी हैं। केन्द्र सरकार अब उस माॅडल को अपना रही है, यह अच्छी बात है।  जीविका द्वारा की जा रही कान्टैªक्ट फार्मिंग को बढ़ावा दें तथा उसका विस्तार करें।  केन्द्र सरकार द्वारा घोषित आर्थिक पैकेज का अधिक से अधिक लाभ कृषकों एवं श्रमिकों को हो सके, इसके लिये अनिवार्य कार्रवाई करें। अगर आवष्यकता हो तो प्रावधानों में भी सुधार पर विचार करें।  बड़े एवं छोटे पषुओं यथा गाय, भैंस, बकरी, भेंड, सुअर का शत प्रतिषत एफ0एम0डी0 टीकाकरण किया जाय। इस संदर्भ में कार्रवाई सुनिष्चित करें।  बिहार के बाहर से आ रहे श्रमिकों के लिये उनकी स्किल मैपिंग के अनुसार रोजगार सृजन की व्यवस्था सुनिष्चित की जाय। इसके लिये राज्य मंे संचालित इकाईयों में श्रमिकांे को उनके स्किल के अनुरूप रोजगार उपलब्ध कराया जाय, साथ ही नयी निर्माण इकाईयों की स्थापना की दिषा में भी समुचित कार्रवाई की जाय। नये उद्योगों को लगाने में सरकार करेगी पूरी मदद।

स्किल सर्वे के अंतर्गत श्रमिकों के स्किल की विवरणी के अनुरूप क्या-क्या नये उद्योग लगाये जा सकते हैं, क्या मदद दी जा सकती है इसपर विचार करें। आवष्यकता होने पर नीतियों में सुधार किया जा सकता है। इसके लिये वित्त विभाग, उद्योग विभाग, श्रम विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के सचिवों की एक राज्यस्तरीय टास्क फोर्स बनायी जानी चाहिये जो इस संबंध में सुझाव देगी।  मनरेगा में अधिकतम श्रम दिवस की सीमा को 100 से 200 करने तथा स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों के बीमा से संबंधित तिथि विस्तार हेतु केन्द्र से अनुरोध करें।

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