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हाथ धोने की आदत सिर्फ कोरोना ही नहीं, कई बीमारियों से बचाएगी

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वर्तमान समय में जब कोरोना वायरस से पूरी दुनिया में तबाही मचा रखी है तो हर किसी को अपने स्तर पर इससे बचने के लिए हाइजीन और सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखना चाहिए। हाथ धोने का मतलब बस उसे पानी से गीला करना नहीं होता, बल्कि हैंडवॉश या साबुन से हाथों को कम से कम 20 सेकंड तक अच्छी तरह ऊपर-नीचे, ऊंगलियों के बीच में और नाखूनों को रगड़कर साफ करें। याद रखिए हाथ धोने में की गई आपकी थोड़ी सी लापरवाही आपको कोरोना के साथ ही अन्य बीमारियों का भी शिकार बना सकती है।

हाथ धोने की आदत खासतौर पर बच्चों में डालनी बहुत ज़रूरी है क्योंकि अक्सर वह कहीं से खेलकर आते हैं और गंदे हाथों से ही खाना शुरू कर देते हैं जिससे उन्हें संक्रमण का खतरा अधिक होता है। कुछ भी खाने-पीने से पहले साबुन और पानी से हाथों को अच्छी तरह धोना चाहिए। जब से कोरोना वायरस फैला है तब से लोग हाइजीन को लेकर बहुत सतर्क हो गए हैं और खासतौर पर सही तरीके से हाथ धोने को लेकर हर स्तर पर जागरुकता फैलाई जा रही है। ताकि वायरस हाथों के जरिए आपके मुंह और नाक तक न पहुंच पाए, लेकिन क्या आपको पता है कि सही तरीके से हाथ धोकर आप न सिर्फ कोरोना वायरस, बल्कि और भी कई बीमारियों से बच सकते हैं।

हाथ धोने की आदत से बचेंगे इन बीमारियों से

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डायरिया

यह दूषित खाने और पानी के कारण होता है। यदि कोई व्यक्ति गंदे हाथों से कुछ खाता या पीता है तो डायरिया का खतरा अधिक होता है और डायरिया के कारण हर साल बड़ी संख्या में मौतें होती हैं। ऐसे में हाइजीन का ध्यान रखकर इससे बचा जा सकता है। हाथ धोने की आदत खासतौर पर बच्चों में डालनी बहुत ज़रूरी है क्योंकि अक्सर वह कहीं से खेलकर आते हैं और गंदे हाथों से ही खाना शुरू कर देते हैं जिससे उन्हें संक्रमण का खतरा अधिक होता है। कुछ भी खाने-पीने से पहले साबुन और पानी से हाथों को अच्छी तरह धोने से डायरिया के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

 

निमोनिया

डायरिया की तरह ही निमोनिया भी गंदगी के कारण होता है और भारत में इस बीमारी से भी काफी मौतें हर साल होती है। निमोनिया का खतरा बच्चों मे अधिक होता है। इस बीमारी से बचने के लिए बाहर से आने के बाद, कुछ भी खाने/पीने से पहले और टॉयलेट से आने के बाद हाथों को अच्छी तरह धोना ज़रूरी है।

फूड प्वॉइजनिंग

फूड प्वॉइजनिंग का कारण भी दूषित भोजन या पानी हो सकता है। किसी वायरस, बैक्टीरिया या विषाक्त पदार्थ से संक्रमित भोजन का सेवन जब कोई व्यक्ति करता है तो उसे फूड प्वॉइजनिंग हो जाती है। बच्चों और बुजुर्गों में इसका खतरा अधिक होता है, क्योंकि उनकी पाचन शक्ति कमजोर होती है। इससे बचने के लिए हाइजीन का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। घर में खाना बनाते समय साफ-सफाई रखें और बाहर का दूषित भोजन करने से बचने के साथ ही खाने से पहले साबुन पानी से हाथों को अच्छी तरह धोना भी ज़रूरी है ताकि हाथों पर चिपके बैक्टीरिया या वायरस पेट में जाकर संक्रमण पैदा न कर सकें।

आई व स्किन इंफेक्शन

जब आप गंदे हाथों से अपना मुंह, नाक या आंख छूते हैं तो हाथों पर चिपके कीटाणु आपकी त्वचा और आंखों को संक्रमित कर देते हैं और आपको इस बात का पता भी नहीं चल पाता। इसलिए बार-बार मुंह और आंख छूने से बचे खासतौर पर जब आप बाहर हों। साथ ही हर तीन घंटे में हाथों को अच्छी तरह धोएं। बिना हाथ धोएं कभी भी आंख और चेहरे को न छुएं।

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