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महापर्व छठ का समापन: व्रतियों ने उगते सूर्य को दिया अर्घ्य

Completion of Mahaparva Chhath: Vratis offered Arghya to the rising sun

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रांची: शनिवार को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही चार दिवसीय महापर्व छठ संपन्न हो गया। राजधानी रांची में बादल छाए रहने के चलते व्रतियों और श्रद्धालुओं को भगवान सूर्य के दर्शन नहीं हुए और उन्हें बादलों के बीच ही अर्घ्य देना पड़ा। रांची में दर्जनों घाटों और कोरोना संकट के कारण इस बार बड़ी संख्या में व्रतियों ने अपने घरों और छतों पर ही अर्घ्य दिया। इधर, अहले सुबह अंधेले में ही लोगों ने घाटों पर पहुंचना शुरू कर दिया था। व्रतियों ने पंचांगों के अनुसार सुर्योदय सुबह 06.11 बजे, जबकि मौसम विभाग के अनुसार 06.07 बजे था। इसलिए कई व्रतियों ने तो भगवान सूर्य के उदय का इंतजार किया, लेकिन कई लोगों ने बादल के बीच ही अर्घ्य दिया।
छठ घाटों पर लोगों ने उड़ाई गाइडलाइन की धज्जियां
राजधानी के छठ घाटों पर जिला प्रशासन द्वारा कोरोना संक्रमण को लेकर जारी किए गए गाइडलाइन का लोगों ने धज्जियां उड़ाई। लोगों ने न तो मास्क का उपयोग किया और न ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया। हालांकि कई लोग मास्क पहने जरूर नजर आए। छठ घाटों पर बच्चे-बुजुर्ग भी घाटों पर आए। घाटों पर लोगों ने जमकर आतिशबाजी भी की। छठ घाटों पर इतनी भीड़ हुई की प्रशासन के सोशल डिसटेंसिंग की तैयारी धरी की धरी रह गई। लोग केवल पूजा-पाठ में ही व्यस्त दिखे। छठ घाटों को नगर निगम और विभिन्न पूजा समितियों को ओर सजाया गया था।
घाटों को किया गया सैनिटाइज
सुबह के अर्घ्य से पहले निगम के कमर्चारियों ने सभी घाट को सैनिटाइज किया। साथ ही घाट पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के हाथ को सैनिटाइज कराने के लिए छठ घाट पर निगम के कमर्चारी मौजूद रहे। घाटों को निगम की तरफ से सैनिटाइज किया जा रहा थ। इसके लिए सभी घाटों पर अलग से कमर्चारी की प्रतिनियुक्ति की गई थी।

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