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गंगा कटाव में समाया शमशान घाट,शव जलाने के दौरान मची भगदड़,प्रशासन ने घाट को किया सील

Cremation ghat collapsed in Ganga erosion, stampede during burning of dead body, administration sealed the ghat

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साहिबगंज- झारखंड का एकमात्र जिला साहिबगंज जहां गंगा नदी प्रभावित होती है । लेकिन गंगा इस समय उफान पर है और अपना विकराल रूप ले रही है । गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। गंगा का जलस्तर कभी बढ़ रहा है तो, कभी घट रहा है। जिस कारण एक तरफ बाढ़ का डर सता रहा है तो ,दूसरी तरफ गंगा कटाव जारी है। राजमहल के स्थानीय श्मशान घाट में गंगा का कटाव विकराल रूप ले रहा है। इसी विकराल रूप के कारण वहां अफरा-तफारी तक मच गई. बता दें कि यहां 5 शव जलाये जा रहे थे। उस समय अचानक गंगा का गंगा कटाव शुरू हो गया। जिसकी वजह से चारो तरफ भगदड़ मच गयी।लोगो में दहशत हो गया। इस दौरान दो अधजला शव भी गंगा में समा गये। लोग इधर-उधर भागने लगे। इसकी सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन ने श्मशान घाट पहुंचकर शमशान को सील कर दिया।

गंगा कटाव में लगभग 50 फीट शमशान का जमीन जिसमें बाउंड्री वॉल ,सीढ़ी घाट, सोलर लाइट,चबूतरा आदि गंगा में समा गया। आपको बता दें की लगभग 9 करोड़ 30 लाख की लागत से राजमहल गंगा घाटों का सौन्दर्यीकरण कार्य का बीते वर्ष 2019 में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हजारीबाग से ऑनलाइन  शिलान्यास किया था।  जिसमें राजमहल के  सूर्यदेवघाट, फेरी(रोड़ो) घाट एवं श्मशान घाट  शामिल था। परंतु गंगा कटाव में श्मशान घाट का सौन्दर्यीकरण कार्य गंगा में समा गया।

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