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बाढ़ में हर घर नल जल योजना का हाल बेहाल

बाढ़ के जगन्नाथन उच्च विद्यालय के पास दो बोरिंग बना हुआ है! जिसमें एक बोरिंग की पंखी और मोटर विगत 1 सप्ताह पहले जल चुकी है। दूसरे बोरिंग का कनेक्शन नए पाइपलाइन में नहीं किया गया है।

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अनिल कुमार  की रिपोर्ट

पटना :- सूबे के बाढ़ में हर घर नल जल योजना की धज्जियां उड़ती दिख रही है। सदर बाजार के एक बड़े तबके को विगत 1 सप्ताह से पानी मयस्सर नहीं हो रहा है। इसके लिए स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग में पीड़ितों की समूह लेकर कई चक्कर लगा चुके हैं! लेकिन अभी तक इसका निदान नहीं हो पाया है।  जिसके कारण स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश है। और यह आक्रोश कभी भी उग्र रूप ले सकती है!

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विदित हो कि बाढ़ के जगन्नाथन उच्च विद्यालय के पास दो बोरिंग बना हुआ है! जिसमें एक बोरिंग की पंखी और मोटर विगत 1 सप्ताह पहले जल चुकी है। दूसरे बोरिंग का कनेक्शन नए पाइपलाइन में नहीं किया गया है। मोटर और पंखी रिपेयर के लिए पटना भेजा जा चुका है।लेकिन सप्ताह बीतने के बावजूद भी दूसरे बोरिंग से पाइपलाइन कनेक्शन नहीं दिया गया है। जिसके कारण विगत 1 सप्ताह से शहर के एक बड़े तबके में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है।

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और स्थानीय प्रशासन कान में करुआ तेल डालकर सोया हुआ है! जहां तक हर घर नल जल की बात है, तो बाढ़ अनुमंडल में यह योजना भी दम तोड़ती दिख रही है! कारण यह है कि बिहार सरकार की जितनी भी बड़ी-बड़ी टेंडर होती है ,सबो में बड़े-बड़े मूंछ वालों की ही चलती है। जिसके कारण कार्यस्थल पर आम जनता अपना जुबान नहीं खोलना चाहती है, और लोग मनमाने तरीके से काम करा कर निकल जाते हैं।

विभाग घटिया सामग्री की भी जांच नहीं कर पाती है! न तो निर्माण होते वक्त सरकार की ओर से कोई सर्तकता बरती जाती है।नतीजा होता है कि धड़ल्ले से घटिया सामानों की प्रयोग की जाती है। जो अपनी आयु पूरा करने के पहले ही दम तोड़ देती है! ऐसी कई नमूने बाढ़ अनुमंडल में दिख जाती है !लेकिन आम जनता अपने जुबान खोलने से कतराते नजर आते हैं! अब तक शहर में जितने भी सड़क सह नाले का निर्माण हुआ है। उसमें घोर अनियमितता बरती गई है! लेकिन न तो स्थानीय लोग जुबान खोलते हैं, और न हीं विभाग निगरानी करती है! कारण है सिर्फ मूंछ वालों की ठेकेदारी।

यही वजह है कि 1 सप्ताह से पानी नहीं मिलने के बावजूद भी प्रशासन में कोई खलबली नहीं है! जबकि आम जनता हलकान परेशान है! इस बाबत स्थानीय नागरिक अनिल कुमार मिश्रा ने बताया कि हम लोग दौड़ते- दौड़ते थक चुके हैं! लेकिन पानी चालू करने का विभाग कोई विकल्प नहीं ढूंढ रही है।वहीं विशेष जानकारी के लिए जब अवर प्रमंडल के अनुमंडल पदाधिकारी अंजनी कुमार जी से जानकारी लेने के प्रयास की गई तो, उन्होंने दूरभाष पर बताया कि मैं अभी मीटिंग में व्यस्त हूं।

आपको यह भी बताते चलें कि अवर प्रमंडल के अनुमंडल पदाधिकारी का बाढ़ में आवास होते हुए भी पटना में बैठकर ही सारे कामकाज निपटाए जाते हैं। किसी विशेष परिस्थिति में ही ये अधिकारी बाढ़ में नजर आते हैं। वही हाल बाढ़ नगर परिषद की है! जबकि शहर की मूलभूत सुविधाओं को पूरा करने में दोनों विभाग की जिम्मेदारी बनती है। लेकिन बाढ़ नगर परिषद हर मामले में पल्ला झाड़ लिया करती है।

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