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G- 20 की बैठक, कृषि उत्पाद,दवा एवं चिकित्सा उपकरण की आपूर्ति के लिये प्रतिबद्ध

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नयी दिल्ली 31 मार्च दुनिया की शीर्ष 20 अर्थव्यवस्था वाले देशों के संगठन जी-20 ने कोरोना वायरस (कोविड 19) महामारी के दौरान कृषि उत्पाद, दवा और चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति बनायें की प्रतिबद्धता व्यक्त की है।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने मंगलवार को यहां बताया कि 25 मार्च को हुई इस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने किया। कोरोना वायरस से निपटने पर केंद्रित यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित की गई।
बैठक में कोरोना वायरस से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए कृषि उत्पाद, चिकित्सा उपकरण और दवाओं की आपूर्ति पर सहमति व्यक्त की गई। सभी देशों के मंत्रियों ने कोरोना महामारी के दौरान और इसके बाद अर्थव्यवस्था की मजबूती बनाए रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

बैठक में महामारी से निपटने की तैयारियों और उपायों में समन्वय और सामंजस्य पर जोर दिया गया। मंत्रियों ने कहा कि महामारी से निपटने के लिए प्रत्येक चरण पर कड़ी निगरानी की जा रही है। सभी देशों के बीच आवश्यक कृषि उत्पादों, आवश्यक वस्तुओं, दवाइयों और चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति बनाए रखने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। परिस्थितियों को देखते हुए आवश्यक प्रावधान किए जा रहे हैं और उनके अनुरूप निर्णय हो रहे हैं।
बयान के अनुसार जी-20 देशों के सभी मंत्रियों ने आवश्यक दवाइयों और चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता किफायती दामों पर बनाए रखने की सहमति व्यक्त की। उन्होंने मुनाफाखोरी और जमाखोरी रुकने पर सहमति व्यक्त करते हुए कहा कि आवश्यकता के अनुसार सभी देशों के नागरिकों को यह वस्तुएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
अफ्रीकी देशों और अन्य छोटे राष्ट्रों का उल्लेख करते हुए बयान में कहा गया है कि छोटे कारोबारी और संबंधित उद्योग धंधे का विशेष ध्यान रखा जाएगा। इनको प्राथमिकता के आधार पर वित्तीय मदद और अन्य सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। विश्व व्यापार संगठन की अधि सूचनाओं में पारदर्शिता बढ़ती जाएगी।

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मंत्रियों ने कोरोना महामारी से निपटने के प्रभावी कदम उठाने के लिए व्यक्तिगत और सामूहिक स्तर पर प्रयास करने के करने की जरूरत पर बल दिया और कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और भेदभाव रहित व्यापार व्यवस्था बनी रहनी चाहिए। महामारी से निपटने के लिए वस्तु के बाधा रहित आवागमन के साथ-साथ मानवीय संसाधन जैसे डॉक्टर, चिकित्सा कर्मी और विशेषज्ञ को भी प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
मंत्रियों ने कोरोना महामारी के प्रभाव का गहराई से विश्लेषण करने का आह्वान करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को इस संबंध में निष्पक्षता और तथ्यपरकता रखनी चाहिए ।मंत्रियों ने इस अवसर पर जलवायु परिवर्तन से निपटने के उपाय पर भी चर्चा की।

बैठक के बाद जारी एक बयान में कहा गया कि कोरोना महामारी मानवता के लिए एक बड़ा संकट है इसका सामना करने के लिए सभी देशों को एकजुट हो जाना चाहिए।

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