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रिम्स में की गई हार्ट बीटिंग बाइपास सर्जरी , आयुष्मान योजना का लाभुक था मरीज

Heart beating bypass surgery performed at RIMS,The patient was a beneficiary of Ayushman scheme

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रांची- रिम्स में पहली बार कॉर्नरी आर्टरी बाइपास (सीएबीजी) की सफल सर्जरी की गयी. रिम्स के कार्डियो थोरेसिक एंड वास्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) विभाग के कार्डियेक सर्जन की टीम ने जामताड़ा निवासी 60 वर्षीय घनश्याम भंडारी का ऑपरेशन किया. राज्य के किसी सरकारी अस्पताल में पहली बाइपास सर्जरी की गयी है. सूबे के सबसे बड़े अस्पताल में रिम्स में पहली बार कॉर्नरी आर्टरी बाइपास (सीएबीजी) की सफल सर्जरी की गयी है. रिम्स निदेशक ने बताया कि राज्य के किसी सरकारी अस्पताल में यह पहली बाइपास सर्जरी है. हम सुपरस्पेशियलिटी विंग में बेहतर काम कर देश के पटल पर अपनी पहचान बना सकते हैं, इसलिए इसी पर जोर दिया जा रहा है. सीटीवीएस के विभागाध्यक्ष डॉ अंशुल कुमार व डॉ राकेश चौधरी की टीम द्वारा हार्ट बीटिंग के तहत यह ऑपरेशन किया गया. मरीज के पैर से नस निकाल कर हार्ट की आर्टरी में लगायी गयी. मरीज आयुष्मान भारत योजना का लाभुक था, इसलिए उसका ऑपरेशन नि:शुल्क किया गया. निजी अस्पताल में बाइपास सर्जरी के लिए मरीजों को 3.50 लाख रुपये खर्च करने पड़ते हैं. वहीं जेडीए के प्रेसिडेंट डॉक्टर अजीत ने भी डॉक्टरों की टीम को बधाई दी है. बता दें कि हार्ट बीटिंग बाइपास सर्जरी काफी मुश्किल होती है. ऐसे ऑपरेशन कम ही किये जाते हैं. लेकिन रिम्स में इस तरह के किये जाने वाले सफल ऑपरेशन ही रिम्स को सूबे का सबसे बेहतर अस्पताल बनाते हैं.

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