सन्मार्ग लाइव
सनसनी नहीं, सटीक खबर

कोरोना वायरस को लेकर जिले को किया गया हाईअलर्ट

कोरोना वायरस को लेकर हाईअलर्ट जारी कर दिया गया है। इसको लेकर सभी पीएचसी में भी पत्र भेजकर एलर्ट रहने का निर्देश स्वास्थ विभाग ने दिया है। कोरोना वायरस इन दिनों भारत सहित दुनियाभर के कई देशों में हाहाकार मचा रखा है।

- sponsored -

नवादाः- जिले में कोरोना वायरस को लेकर हाईअलर्ट जारी कर दिया गया है। इसको लेकर सभी पीएचसी में भी पत्र भेजकर एलर्ट रहने का निर्देश स्वास्थ विभाग ने दिया है। कोरोना वायरस इन दिनों भारत सहित दुनियाभर के कई देशों में हाहाकार मचा रखा है। यह वायरस भारत, अमेरिका, तिब्बत, थाइलैंड, जापान और मंगोलिया में लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। मुंबई के बाद राजस्थान और बिहार में भी कोरोना वायरस ने दस्तक दे दी है। बिहार में इस वायरस से संक्रमित मरीज भी पाये गये हैं। जिसको लेकर राज्य स्वास्थ विभाग ने पूरे प्रदेश में इस वायरस को लेकर एलर्ट जारी किया है। बताया जाता है कि कोरना वायरस जानवरों में भी पाया जाता है।

वर्तमान की कोई भी दवाएं नहीं हो रही कारगर

सदर अस्पताल के चिकित्सकों का मानना है कि कोरोना वायरस में किसी भी तरह की कोई एंटीबायोटिक काम नहीं करती है। फ्लू में दी जाने वाली एंटीबायोटिक भी इस वायरस में काम नहीं करती है। अस्पताल में भर्ती कराए जाने वाले व्यक्ति के अंगों को फेल होने से बचाने के लिए उसे ज्यादा से ज्यादा मात्रा में तरल पदार्थ दिया जाता है। जानवरों से फैलने वाले कोरोना वायरस सिवीर एक्यूट रेस्परटॉरी सिंड्रोम (गंभीर श्वसन लक्षण) और मिडिल इस्टर्न रेस्परटॉरी सिंड्रोम दोनों तरह का होता है। मिडिल इस्टर्न रेस्परटॉरी सिंड्रोम (मेर्स) अफ्रीकी और एशियाई ऊटों के जरिए मनुष्य में फैलता है। चमगादड़ ऐसा जीव है जिसमें सिवीर एक्यूट रेस्परटॉरी सिंड्रोम (गंभीर श्वसन लक्षण) और मिडिल इस्टर्न रेस्परटॉरी सिंड्रोम दोनों तरह का कोरोना वायरस होता है।

- Sponsored -

क्या है कोरोना वायरस

कोरोना वायरस (सीओवी) का संबंध वायरस के ऐसे परिवार से है, जिसके संक्रमण से जुकाम से लेकर सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या हो सकती है। इस वायरस को पहले कभी नहीं देखा गया है। इस वायरस का संक्रमण दिसंबर में चीन के वुहान में शुरू हुआ था। डब्लूएचओ के मुताबिक, बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ इसके लक्षण हैं। अब तक इस वायरस को फैलने से रोकना वाला कोई टीका नहीं है।

क्या हैं इस बीमारी के लक्षण

इसके संक्रमण के फलस्वरूप बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्या उत्पन्न होती हैं। यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। इसलिए इसे लेकर बहुत सावधानी बरती जा रही है। यह वायरस दिसंबर में सबसे पहले चीन में पकड़ में आया था। इसके दूसरे देशों में पहुंच जाने की आशंका जताई जा रही है।

क्या हैं इससे बचाव के उपाय

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना वायरस से बचने के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं। इनके मुताबिक, हाथों को साबुन से धोना चाहिए। अल्कोहल आधारित हैंड रब का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। खांसते और छीकते समय नाक और मुंह रूमाल या टिश्यू पेपर से ढककर रखें। जिन व्यक्तियों में कोल्ड और फ्लू के लक्षण हों उनसे दूरी बनाकर रखें। अंडे और मांस के सेवन से बचें। जंगली जानवरों के संपर्क में आने से बचें।

क्या कहते हैं स्वास्थ्य अधिकारी

कोरोना वायरस को लेकर जिले भर में एलर्ट जारी किया जा चुका है। पटना स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर हर पीएचसी को पत्र भेजकर इसके किसी भी लक्षण का पुराना रोगी पाये जाते हैं तो उसकी सूचना तुरंत दिये जाने को कहा गया है। जांच के दौरान मरीज का पूरा हिस्ट्री लिया जाता है। ऐसे मरीजों को पावापुरी मेडिकल काॅलेज भेजने की हिदायत भी दी गई हैै। जिले में अभी तक इस तरह के कोई भी मरीज नहीं पाया गया है।

ये भी पढ़ेंः- छात्रा गर्भवती मामले में चचेरे भाई पर FIR, जांच के घेरे में कई सरकारी अधिकारी

- Sponsored -

- Sponsored -

- Sponsored

- Sponsored -