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पुराने कपड़े का थैला बना कर पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

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नवादा जिले के वारिसलीगंज बीके साहू इंटर विद्यालय की सहायक शिक्षिका श्वेता सिन्हा अपने सामाजिक सरोकार के कार्यो से जुड़कर सुर्खियां बटोर रही है। पहले जल संरक्षण को लेकर अभियान चलाई और अब प्लास्टिक मुक्त वारिसलीगंज निर्माण का संदेश दे रही है। इसी कड़ी में शनिवार को विद्यालय की छात्राओं को पुराने कपड़े से थैला बनाने की कला सिखलाई। छात्राओं को संबोधित करते हुए शिक्षिका श्रीमती सिन्हा ने कही कि पर्यावरण को सुरक्षित व संरक्षित रखना देश के हर नागरिक का कर्तव्य होना चाहिए। उन्होंने कही कि आज के आधुनिकता के दौर में लोग जमकर प्लास्टिक थैला आदि का प्रयोग कर रहें हैं जो हमारे वातावरण को दूषित करने में अहम रोल अदा कर रहा है। प्लास्टिक के कम माइक्रोन वाला थैले का प्रयोग पर बिहार सरकार प्रतिबंध लगा दी है। बाबजूद जागरूकता के आभाव में कुछ लोग अब भी प्लास्टिक के थैले का प्रयोग कर रहे हैं। हलांकि सरकार द्वारा जागरूकता के लिए करोड़ो रूपये खर्च किया जा रहा है। जरूरत है लोगो में बिकल्प ढूंढकर प्लास्टिक के थैले को न कहने की। महिला शिक्षिका ने एक दिन पूर्व स्कूल की छात्राओं को अपने अपने घरों से पुराना कपड़ा तथा सुई धागा लाने को कही, जिससे छात्राओ को आसानी से थैला बनाने की विधि बताई। शनिवार को दर्जनों छात्राओ ने पुराने कपड़े से थैला बनाकर स्कूल लाई। जिसे प्रार्थना सत्र के दौरान शिक्षिका ने अन्य बच्चों को दिखाते हुए प्लास्टिक के थैले का बिकल्प बताकर अपने अपने अविभावकों को गिफ्ट करने को कहा गया। कहा गया कि बिकल्प के आभाव में हमारे अविभावक सब्जी आदि सामानों की खरीद के समय पॉली बैग घर ले आते हैं जो बाद में उपयोगिता बिहीन होकर पर्यावरण को प्रदूषित करता है। साथ ही नालियो में जमा होकर शहरी क्षेत्र के नाले को जाम करने का कारण बनता है। शिक्षिका श्रीमति सिन्हा ने इसे अभियान का रूप देने के लिए अपने सहकर्मियों व बच्चों को प्रेरित किया। मौके पर प्राचार्य सुधीर कुमार राय तथा राकेश रौशन समेत अन्य शिक्षक उपस्थित थे।

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