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स्वतंत्रता सेनानी को दी गई अंतिम विदाई

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नवादा  जिले के वारिसलीगंज प्रखंड के कोचगांव निवासी स्वतंत्रता सेनानी रामपाल तिवारी का सोमवार की शाम निधन बाद मंगलवार की सुबह शव यात्रा निकाली गई। शवयात्रा में अंचलाधिकारी उदय प्रसाद ,बीडीओ सत्यनारायण पंडित समेत बड़ी संख्या में ग्रामवासियों व स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी संगठन से जुड़े लोगों ने अंतिम अश्रुपूर्ण नेत्रो से दिवंगत सेनानी को अंतिम विदाई दिया। प्रखंड क्षेत्र में कुल 54 स्वतंत्रता सेनानियों में एकमात्र लगभग सौ वर्षीय रामपाल तिवारी ही जीवित थे। जिनके निधन से क्षेत्र में शोक व्याप्त हो गया है। गांववासियों के अनुसार शनिवार को ही देश के विभिन्न हिस्सों में स्थित तीर्थ स्थलों का भ्रमण कर घर लौटे थे। लगभग 15 दिन तक देश के विभिन्न तीर्थ स्थलों का भ्रमण कर लौटने के बाद तबीयत खराब हो गई। जिन्हें इलाज के लिए पटना ले जाया गया। जहां उनकी मौत हो गई। बता दें कि मृतक रामपाल तिवारी 1942 में गांधीजी के आह्वान पर फरार रहकर स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लिया था। परिजनों ने बताया कि रामपाल तिवारी को 04 पुत्र व तीन पुत्रियां है। मंगलवार की सुबह अधिकारियों व गांववासियों के द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित की गई। जिसमें मुख्य रूप से अंचल अधिकारी व बीडीओ ने प्रशासन का प्रतिनिधित्व किया। जबकि स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी संघ के अध्यक्ष बद्री नारायण सिंह ,सामाजिक कार्यकर्ता और गांव निवासी श्रवण कुमार सिंह, पूर्व मुखिया रामरतन सिंह,भाजपा नेता अल्लाह बहादुर सिंह आदि लोग उपस्थित थे। गांव के पोखर पर मृतक स्वतंत्रता सेनानी को श्रद्धांजलि देने के उपरांत मृतक के शव दाह संस्कार के लिए बाढ़ ले जाया गया।

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