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एक बार फिर तूल पकड़ता जा रहा पारा शिक्षकों के स्थायीकरण का मामला

Once again the issue of perpetuation of mercury teachers

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रांची : पारा शिक्षकों का स्थायीकरण का मामला एक बार फिर तूल पकड़ता नजर आ रहा है. मामले को लेकर शिक्षा मंत्री ने एक माह पूर्व पारा शिक्षकों के प्रतिनिधियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की थी. बैठक के बाद नियमितीकरण से जुड़ी एक फाइल वित्त विभाग को भेजी गई थी. जानकारी मिल रही है कि वित्त विभाग की ओर से शिक्षा विभाग को नियमितीकरण से जुड़ी फाइल को वापस भेजा गया है और कई सवाल भी पूछे गए हैं. नई शिक्षा नीति के तहत स्कूलों में 2022 के बाद कोई भी अस्थाई शिक्षक नहीं होने की बात कही गई है और इसके बाद से ही खासकर झारखंड के पारा शिक्षकों के बीच एक डर का माहौल देखा है.

सीएम से स्थायीकरण की मांग

पारा शिक्षक ने एक बार फिर अपनी चिर परिचित मांग स्थायीकरण को लेकर राज्य सरकार खासकर सूबे के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अपील की है. उन्होंने कहा है कि इस ओर जल्द से जल्द ध्यान दें और उनके नियमितीकरण को लेकर ठोस कदम उठाएं. इधर, पारा शिक्षकों के स्थायीकरण का मामला फिलहाल सुलझता हुआ नहीं दिख रहा है. इसमें अभी भी कई पेंच हैं. बता दें कि लगभग एक महीने पूर्व ही पारा शिक्षक प्रतिनिधियों के साथ शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो और शिक्षा सचिव ने एक उच्च स्तरीय बैठक की थी. उस दौरान पारा शिक्षकों से जुड़ी स्थायीकरण की फाइल को वित्त विभाग में भेजने का निर्णय लिया गया था.

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वित्त विभाग के तमाम सवालों का जवाब दिया जाएगा- शिक्षा मंत्री

इस दौरान कहा गया था कि वित्त विभाग के साथ परामर्श के बाद कैबिनेट में प्रस्ताव को रखा जाएगा और उसके बाद स्थायीकरण के मुद्दे को हमेशा हमेशा के लिए समाप्त कर दिया जाएगा. लेकिन वित्त विभाग ने उस फाइल को वापस शिक्षा विभाग को भेज दिया है. विभाग ने इसके साथ ही पारा शिक्षकों के स्थायीकरण पर होने वाले खर्च. किस आधार पर उनका नियमितीकरण किया जाएगा. ऐसे और भी कई बिंदुओं पर विभाग से जवाब मांगा है. शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो ने कहा है कि वित्त विभाग के तमाम सवालों का जवाब दिया जाएगा.

रिपोर्ट – मनीष झा

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