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सरयू के नित्य नए बाण से मुश्किल में रघुवर

Raghuvar in trouble with Saryu's new arrow

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रांची :  कहा जाता है कि दोस्ती जब दुश्मनी में बदल जाती है तो दोनों दोस्तों के लिए काफी कठिन हो जाता है। कुछ इसी राह पर चल रहे हैं राज्य के पूर्व मंत्री सरयू राय और पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास। श्री राय मैनहर्ट मामले को लेकर तरह-तरह से तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास पर बाण चला रहे हैं जिससे श्री दास की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। वैसे भी श्री राय को थिंक टैंक के अलावा झारखंड का चाणक्य भी कहा जाता है। आज तक जो भी इन्हें छेड़ा उसे श्री राय ने छोड़ा नहीं है, और श्री राय को छेड़ने वाले के लिए परेशानी का सबब बन खड़े रहे हैं।

मैनहर्ट का नाम लेकर एक नई संस्था का गठन किया गया- सरयू राय

श्री राय ने राज्य के बहुचर्चित मामले मैनहर्ट को लेकर एक नया खुलासा करने के साथ-साथ अपने ही कार्यकाल के मुख्यमंत्री रहे रघुवर दास पर हमला बोला है उन्होंने कहा है कि जिस मैनहर्ट को रांची के सीवरेज ड्रेनेज की डीपीआर बनाने के लिए कंसलटेंट चुना गया था वह असली मैनहर्ट है या नहीं। मैनहर्ट का नाम लेकर एक नई संस्था का गठन किया गया और उसके नाम पर टेंडर डाला गया है श्री राय ने इसकी भी जांच की मांग की।

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सरयू राय के सीधे निशाने पर हैं रघुवर दास

श्री राय पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के विरुद्ध इधर काफी मुखर हो गए हैं अगर इनकी बातों को याद किया जाए तो यह शुरू में कहते थे कि मैं नहीं चाहता कि मेरे कारण कोई तीसरा मुख्यमंत्री जेल जाए श्री रघुवर दास का नाम कहीं से नहीं लेते थे लेकिन अभी के दिनों में लगातार कर रहे हमले से यह जान पड़ता है कि उनके निशाने पर सीधे-सीधे रघुवर दास हैं। बीते कल एसीबी के महानिदेशक नीरज सिन्हा को इस घोटाले के बारे में परिवारवाद पत्र सौंपने के बाद श्री दास ने कहा है कि जनता की गाढ़ी कमाई का एक-एक पैसा बेकार होने नहीं देंगे। उन्होंने यह भी कहा की झारखंड का गठन राज्य के विकास के लिए हुआ है ना कि लूट के लिए, जनता से जो बेईमानी करेगा उसे छोड़ा नहीं जाएगा।

लम्हों की खता’ यह किताब अब क्या रंग लाती है

मालूम हो कि रांची के सीवरेज ड्रेनेज का डीपीआर तैयार करने के लिए मैनहर्ट कंपनी का सेलेक्शन रघुवर दास ने किया था तब श्री दास नगर विकास मंत्री हुआ करते थे। मैनहर्ट को काम देने के बाद से ही यह मामला विवाद में रहा है। मालूम हो कि सरयू राय तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास के काबीना मंत्री थे मंत्री रहते हुए भी श्री राय राज्य के विकास के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा करते थे जो मनमुटाव का कारण बना। श्री राय ने मैनहर्ट पर ‘लम्हों की खता’ नामक एक किताब लिखी है जिसमें घोटालों के परत दर परत पन्नों को पलट गया है अब देखना यह है कि यह किताब क्या रंग लाती है।

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