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बसही के मेला लोगों के लिए पाचवें दिन भी रहा आकर्षण का केंद्र

कुदरा प्रखंड क्षेत्र के अंतर्गत बसही गांव में लगने वाले सात दिवसीय मेला का पाचवें दिन भी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। जिसमें पुरुषों के अपेक्षा महिलाएं की संख्या ज्यादा रही।

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मनुं कुमार सिंह, संवाददाता

कैमूर:- जिले के कुदरा प्रखंड क्षेत्र के अंतर्गत बसही गांव में लगने वाले सात दिवसीय मेला का पाचवें दिन भी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। जिसमें पुरुषों के अपेक्षा महिलाएं की संख्या ज्यादा रही। बताते चलें कि प्राचीन काल से बसही गांव में 26 जनवरी के अवसर पर मेले का आयोजन घोड़े की रेस के साथ किया जाता है। रेस में जीते विजेता को पुरस्कार दिया जाता हैं उसके बाद मेले के लुफ्त लोग उठाने लगते हैं। मेले के पाचवें दिन भी काफी संख्या में भीड़ देखने को मिली। जिसमें युवा पीढ़ी बूढ़े जवान समेत महिलाएं की संख्या काफी दिखी।

हालांकि मेले में महिलाएं के लिए मिना बाजार खास रहीं। महिलाएं मिना बाजार में अपने आवश्कता अनुसार सम्मान की खरीदारी करते दिखीं। वहीं मेले में ब्रेक डांस और झूला की झूलन लोगों को खूब पसंद नजर आयी और मौत का कुआं तो लोगों के धड़कन की धड़कनें तेज कर गई। मेले में लोगों ने मौत का कुआं को देखने की भीड़ जमी रहीं। जिसमें बाइक रेसर को लोगों ने हाथ मे पैसे देकर अभिनन्द किया।

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बताया जाता हैं कि मौसम के बिगड़ जाने के बाद भी मेले प्रत्येक वर्ष से इस वर्ष मेले जमने की बात कही जा रही हैं। मेले में चौकी, दरवाजा, ओखली, सील,के व्यपारियो की संख्या ज्यादा है। मेले में चौकी की बिक्री काफी देखने को मिला। जबकि जलेवी,पकौड़ी,और चाट के दुकानों पर काफी लोग चिपके रहे। किन्तु चापाकल के अभाव में लोगों को नदी के पानी पीने को मजबूर कर दिया। जो मेले की रौनक के घनचक्कर में लोगों पर बीमारी का असर छोड़ जाता है।

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