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अमेरिका ने चीन पर 20 ट्रिलियन डॉलर हर्जाने का मुकदमा ठोका

US sues China for $ 20 trillion in damages

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कोरोना वायरस पूरी दुनिया में कहर बरपा रहा है. अब एक सुर में कई देश कह रहे हैं कि चीन ने कोरोना वायरस का इस्तेमाल कर एक तरह से नरसंहार करने का काम किया है. अमेरिका सहित कई देशों में हर दिन हजारों बेकसूर लोग मर रहे हैं. इधर एक बड़ी खबर भी अमेरिका से आ रही है. अमेरिका की एक कंपनी ने तो चीन सरकार पर 20 ट्रिलियन डॉलर हर्जाने का मुकदमा ठोक दिया है. यही नहीं अमेरिका ने चीन पर आरोप लगाया है कि चीन ने वास्तव में अमेरिकी नागरिकों को मारने और बीमार करने की साजिश रची है. अमेरिका के टेक्सास की कंपनी बज फोटोज, वकील लैरी क्लैमैन और संस्था फ्रीडम वाच ने मिलकर चीन सरकार, चीनी सेना, वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी, वुहान इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर शी झेनग्ली और चीनी सेना का मेजर जनरल छेन वेई के खिलाफ यह मुकदमा किया है.

अमेरिका ने चीन के खिलाफ शुरु किया बड़ा एक्शन

अमेरिका ने सीनेट में बिल पास कर चीन की 800 कंपनियों को बैन कर दिया है. कंपनियों के बैन करने के बाद से एक ही झटके में चीन के 30 लाख करोड़ खत्म हो गये. एक बहुत ही खास बात ये रही कि अमेरिकी की दो प्रमुख पार्टी रिपब्लिकन पार्टी और डेमोक्रेटिक पार्टी दोनों दलों ने चीन के खिलाफ इस प्रस्ताव को सीनेट में पास कर दिया है. प्रस्ताव पास होने के बाद अमेरिका में चीन की कुल 800 कंपनियों को अमेरिकी शेयर बाजार में बैन कर दिया गया. अमेरिका का शेयर बाजार विश्व का सबसे बड़ा आर्थिक बाजार है. इस बाजार में चीन की 800 कंपनियां लिस्टेड थीं. लेकिन अब चीन की सभी 800 कंपनियों को डी-लिस्ट करने की तैयारी की जा रही है. इससे अब साफ दिख रहा है कि 800 चीनी कंपनियां अमेरिका से फंड्स नहीं ले सकेंगी. वहीं अगर बाजार वैल्यूएशन की बात की जाए तो चीन को 30 लाख करोड़ भारतीय रुपये के बराबर का झटका पड़ा है. एक ही झटके में चीन को मिलने वाला लगभग 30 लाख करोड़ रुपये रुक गये हैं.  अलीबाबा, बैडू जैसे नामी चीनी कंपनियां भी शामिल हैं जिन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा है.

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