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पटना के ‘जल प्रलय’:  बुड्को मुख्य अभियंता सहित 11 सस्‍पेंड

पटना के 'जल प्रलय':  बुड्को मुख्य अभियंता सहित 11 सस्‍पेंड

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जल प्रलय पर सीएम ने की हाई लेवल मीटिंग
पटना / संवाददाता। बीते दिनों भारी बारिश के कारण पटना में जलजमाव के कारणों पर चर्चा के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार को हाई लेवल बैठक  की। करीब चार घंटे तक इसपर चर्चा हुई। साथ ही नए ड्रेनेज सिस्टम पर भी विमर्श किया गया। बैठक में जलजमाव को ले जिम्‍मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की गई। साथ ही बैठक में जल जमाव के कारणों की जांच के लिए विकास आयुक्‍त की अध्‍यक्षता में हाई लेवल कमेटी बनाई गई।
सितंबर के आखिरी हफ्ते में राजधानी में बारिश की वजह से उत्पन्न जलजमाव के दोषी लोगों पर सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। पटना में संप हाउस व नमामि गंगे योजना के तहत सीवर लाइन का काम देख रही बुडको के मुख्य अभियंता सहित 11 इंजीनियरों को निलंबित किए जाने का फैसला लिया गया है। इन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सात दिनों के भीतर इनपर कार्रवाई होगी। निर्माण एजेंसी एलएंडटी के प्रोजेक्ट इंजीनियर पर भी कार्रवाई की गई है। पटना नगर निगम के दो दर्जन से अधिक अधिकारियों पर भी गाज गिरी है। इनमें कुछ निलंबित कर दिए गए हैं और कुछ के वेतन रोक दिए गए हैं।
पूरी जांच के क्रम में यह बात सामने आई कि जलजमाव के मूल में यह बात रही कि सही समय पर संप हाउस चालू नहीं हुए और नाले की सफाई ठीक ढंग से नहीं की गई। कहीं संप हाउस चालू नहीं किया गया। अन्य दोषियों को भी चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस मसले पर मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद कक्ष में लगातार चार घंटे तक बैठक की। उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, कई महकमों के मंत्री सहित मुख्य सचिव, विकास आयुक्त व आला अधिकारी बैठक में मौजूद थे। आगे इस तरह की समस्या नहीं हो उससे बचने को स्थायी तौर पर क्या इंतजाम होंगे इस मसले पर भी मुख्यमंत्री की बैठक में निर्णय लिया गया। देर शाम मुख्य सचिव दीपक कुमार ने मुख्यमंत्री की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री की बैठक में यह बात सामने आई कि कई जगहों पर संपिंग स्टेशन समय पर नहीं चले। कुछ जगहों पर डीजल ही नहीं था और कुछ मशीन खराब थीं। इस बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि आखिर इसकी जांच बारिश के पहले क्यों नहीं की गई?
जलजमाव के लिए दोषी चिह्नित लोगों में बुडको के मुख्य अभियंता, दो अधीक्षण अभियंता, छह कार्यपालक अभियंता व एक मेकैनिकल कार्यपालक अभियंता, एक सहायक अभियंता मेकैनिकल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। एक सहायक अभियंता को प्रशासनिक आधार पर स्थानांतरित किया गया है। पटना नगर निगम के एग्जक्यूटिव ऑफिसर कंकड़बाग, सिटी मैनेजर कंकड़बाग, चीफ सेनेटरी ऑफिसर कंकड़बाग, को कारण बताओ नोटिस जारी कर तत्काल प्रभाव से वेतन भुगतान बंद किया गया है। कंकड़बाग के चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया है। दो सेनेटरी इंस्पेक्टर पाटलिपुत्रा को भी निलंबित किया गया है। एग्जक्यूटिव ऑफिसर बांकीपुर, चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर बांकीपुर तथा बांकीपुर के सभी सेनेटरी इंस्पेक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। ड्रेनेज पंप सिस्टम में पदस्थापित 22 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनके वेतन भुगतान को बंद कर दिया गया है।
यह तय हुआ कि विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक कमेटी बनेगी, जिसमें पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव, आपदा प्रबंधन व नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव सदस्य रहेंगे। कमेटी को एक महीने के अंदर अपनी रिपोर्ट देनी है। उन्‍हें दो बिंदुओं पर काम करना है। पहला पटना में जल जमाव के कारण व कमियां तथा दोषी लोगों के संबंध में प्रतिवेदन है तथा दूसरा भविष्य के लिए कार्ययोजना बनानी है। कमेटी इसके लिए विशेषज्ञों से भी राय लेगी।
दो माह के अंदर अभियान चलाकर सभी नालों के अतिक्रमण हटाया जाएगा। नगर निगम को यह लक्ष्य दिया गया है कि दो माह के अंदर नालों पर से अतिक्रमण हटा लिया जाए। साथ ही बगैर पटना नगर निगम के अनापत्ति प्रमाण पत्र के पटना में कोई भी आधारभूत संरचना का काम नहीं होगा।
नालों में किस गहराई तक सिल्ट जमा है इसकी जांच एक कमेटी द्वारा की जाएगी। यही नहीं यह भी देखा जाएगा कि किस गहराई तक उसकी सफाई हुई है। वास्तविक सफाई कितनी हुई है यह कमेटी देखेगी। अगले मौसम तक पूरी सतह तक सफाई कर लेनी है।

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