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प्रियंका गांधी की जिद पर योगी सरकार ने निकाला नया रास्ता

सोनभद्र नरसंहार के चार पीडि़त परिवार की महिलाओं को चुनार किला के गेस्ट हाउस में बुलाया

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प्रियंका गांधी की जिद को देखते हुए मिर्जापुर जिला प्रशासन ने सोनभद्र नरसंहार के चार पीडि़त परिवार की महिलाओं को चुनार किला के गेस्ट हाउस में बुलाया। इन सभी से प्रियंका गांधी से भेंट की है। इनसे सोनभद्र कांड के बारे में उन्होंने काफी कुछ जानना चाहा। चुनार गेस्ट हाउस के बगीचे में पीड़ित परिवार की महिलाओं ने प्रियंका गांधी को देखते ही रोना शुरू कर दिया। प्रियंका गांधी से पीड़ित परिवार के लोग मिले तो उनका रो-रोकर बुरा हाल था। प्रियंका ने सबको सांत्वना दी। प्रियंका ने बताया कि कांग्रेस अपनी तरफ से पीडि़तों की मदद करेगी।
उन्होंने कहा कि मृतक परिजनों को दस-दस लाख रुपये दिए जाएंगे और घायलों को भी कुछ सहायता राशि दी जाएगी।
कांग्रेस महासचिव ने लिपट कर रो रही महिलाओं के खुद आंसू पोछे और उन्हें पानी पिलाया। हालांकि घोरावल उम्मा गांव के सभी पीडितों के परिजन यहां नहीं आ पाये थे। पीड़ितों के परिजनों के साथ घंटों समय बिताया और एक से उनकी पीड़ा सुनी। प्रियंका गांधी से मिलकर परिजन काफी आश्वस्त नजर आये। उनके चेहरे पर संतोष स्पष्ट दिख रहा था।
चुनार में आज भी हाई वोल्ट ड्रामा जारी था। प्रियंका ने पीड़ित मृतकों के परिजनों से मिलने के जिंद पर अडी थी। प्रशासन उनकी बात सुनने को तैयार नहीं था।
कांग्रेस महासचिव श्रीमती प्रियंका गांधी ने सरकार के सामने पांच सूत्रीय मांगों को रखा। जिसमें 25 लाख की सहायता राशि, जमीन उनके नाम करना, आदिवासियों पर दर्ज गलत मुकदमा वापस लेने के साथ पीडितों को सुरक्षा शामिल हैं।
प्रियंका गांधी के यहां से जाने के बाद जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली है। दो दिन से प्रशासन के हाथ पांव फूल रहा था। पूरे देश की निगाहें यहां टिकी होनेके कारण दबाव कुछ ज्यादा ही था।
पीडि़त परिवारों से मिलने और मीडिया से बातचीत के बाद प्रियंका वाड्रा से वाराणसी के मंडलायुक्त व एडीजी ने गेस्‍ट हाउस के कमरे में कुछ देर वार्ता की। इसके बाद प्रियंका का धरना समाप्त हो गया। प्रियंका ने कहा मेरा मकसद पूरा हुआ। मुझे पीडि़त परिवारों से मिलना था, उनसे मिली और उनका हाल जाना।

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