Sanmarg Live
Hindi News - Breaking News, Latest News in Hindi, हिंदी में समाचार, : Sanmarg Live, Morning India, Aawami News
Breaking News
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर का निधनमध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर का निधनfacebook , whatsapp और अन्य सोशल मीडिया के लिए आधार की जरुरत – जरा सोचियेझिल्ली चौक के पास चोर को ग्रामीणों ने पकडकर की पिटाई, पुलिस ने किया गिरफ्तारअनंत सिंह मामला : दर्जनों गाड़ियों से पुलिस का पीछा और पथराव, कई लोग हिरासत मेंसारण शूटआउट: दो स्कॉर्पियो पर सवार थे अपराधी, यूपी की ओर भागे!  शर्मनाक … जिसे शहीद कह हम इज्ज्त दे रहे है, उसी शहीद पुलिसकर्मी को लिटा दिया जमीन परबड़े घरों के बिगड़ैल बच्चे , पटना हाई कोर्ट के जज साहब को भी नहीं छोड़ा , DGP साहब को खुद आना पड़ाहाजीपुर में डकैतों से पुलिस का इनकाउंटर ,दो डकैतों को लगी गोली – गिरफ्तारधोनी के रिकॉर्ड की बराबरी करने से एक जीत दूर विराट

पर्यावरण प्रदूषण काे राजनीतिक मुद्दा बनाया जाना आवश्यक- राहुल गांधी

14

- Sponsored -

- sponsored -

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पर्यावरण प्रदूषण पर गहरी चिंता जताते हुए कहा है कि यह गंभीर संकट है और इसको महत्व देने के लिए इसे राजनीतिक मुद्दा बनाना आवश्यक है।
श्री गांधी ने बुधवार को पर्यावरण दिवस पर एकजुट होकर पर्यावरण संरक्षण के लिए काम करने का आह्वान करते हुए कहा कि इस संकट काे राजनीतिक मुद्दा बनाया जाना आवश्यक है ताकि इसे उतना महत्व मिल सके जितना सही में इसे मिलना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पर्यावरण संकट से निपटने के लिए कारगर कदम नहीं उठाए हैं जिसका लोगों को खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को हाे रहे नुकसान से निपटने के लिए सरकार की तरफ से युद्ध स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई है जिसके कारण लाखों भारतीयों को इसका सीधा खामियाजा भुगतना पड़ रहा है और कई लोग मारे भी जा रहे हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि शोहरत और धन की लालसा में इंसान ने प्रकृति का जिस कदर विनाश किया है, पहले कभी इतना नहीं हुआ। प्रकृति को नुकसान पहुंचाकर हम गहरे संकट में पहुंच चुके हैं और यदि समय रहते संभले नहीं तो फिर ऐसी स्थिति में पहुंच जाएंगे जहां से लौटना संभव नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद हैं जो दर्शाते हैं कि इंसान के कारण पर्यावरण को अत्यधिक नुकसान हुआ है और खासकर पिछले सौ साल के दौरान उसने प्रकृति को बहुत क्षति पहुंचाई है। ग्लोबल वार्मिंग कल्पित कथा नहीं है बल्कि यह वास्तविकता है। भारत के प्रदूषित शहरों में लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही और यह भी कल्पना नहीं है, यह सच्चाई है। हमारी नदियां प्रदूषित हो रही हैं और भूजल स्तर गिर रहा है तथा जंगल सिकुड़ रहे हैं।

- Sponsored -

- Sponsored -

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

- Sponsored -

- Sponsored -

- Sponsored -

- Sponsored