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आरबीआई का दिवाली तोहफा

रेपो दर में कटौती, मकान व वाहन ऋण होंगे सस्ते

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.25 प्रतिशत घटकर 5.40 प्रतिशत किया रेपो रेट
रिवर्स रेपो दर में भी बदलाव कर इसे 4.90 प्रतिशत किया गया

मुंबई।

घर और कार ऋण आदि लेना और सस्ता हो जायेगा। रिजर्व बैंक ने त्यौहारी सीजन में घर और कार खरीदने वालों को तोहफा देते हुए रेपो दर में .25 प्रतिशत की कटौती किए जाने का एलान किया है। इसके साथ ही रिवर्स रेपो दर में भी बदलाव कर इसे 4.90 प्रतिशत किया गया है।रिजर्व बैंक ने मौद्रिक नीति समिति की तीन दिन की बैठक के बाद शुक्रवार को घोषित रिण एवं मौदिक नीति में रेपो दर को .25 आधार अंक घटाकर 5.40 प्रतिशत से 5.15 प्रतिशत कर दिया है । रेपो दर की यह दर पिछले साढ़े नौ वर्ष के बाद की सबसे कम है ।

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रेपो दर का यह स्तर मार्च 2010 के बाद सबसे कम है।रिवर्स रेपो दर में भी बदलाव कर इसे 4.90 प्रतिशत किया गया है जबकि बैंक दर 5.40 प्रतिशत की गई है । रेपो दर में कमी से घर और कार रिण सस्ते हो जायेंगे ।रिजर्व बैंक ने लगातार पांचवीं मर्तबा नीतिगत दरों में बदलाव किया है । पांच बार में रेपो दर में कुल 135 आधार अंक की कटौती की जा चुकी है । रेपो दर वह है जिसमें बैंक अपने रोजमर्रा के कामकाज के लिए रिजर्व बैंक से कर्ज लेता है । बैंकों को इस रिण पर ब्याज देना पड़ता है , जिसे रेपो दर कहा जाता है ।

नीति में चालू वित्त वर्ष के लिए सकल घरेलू उत्पाद(जीडीपी) का अनुमान घटाकर कर 6.1 प्रतिशत किया गया है । पहले यह अनुमान 6.9 प्रतिशत लगाया गया था । आगामी वित्त वर्ष के लिए जीडीपी अनुमान को भी संशोधित कर 7.2 प्रतिशत किया गया है। रिजर्व बैंक गवर्नर शक्तिकांत दास ने नीतिगत नीति पेश करते हुए कहा कि मुद्रास्फीति के चालू वित्त वर्ष की शेष अवधि और 2020-21 की पहली तिमाही में लक्ष्य से नीचे बनी रहने की उम्मीद है ।

उन्होंने कहा कि सब्जियों की कीमतों में फिलहाल तेजी बनी रहने की संभावना है किंतु आगे आपूर्ति में सुधार से दाम नीचे आयेंगे। चालू वित्त वर्ष के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई की दर को पहले के 3.1 प्रतिशत की तुलना में बढ़ाकर 3.4 प्रतिशत की संभावना जताई है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण और शहरी मांग कमजोर बनी हुई है । रबी सीजन की पैदावार की अच्छी संभावना बताते हुए डा. दास ने कहा सरकार ने अर्थव्यवस्था को फिर से रफ्तार देने के लिए पिछले दो माह के दौरान कई कदमों का ऐलान किया है और उम्मीद है कि इससे घरेलू मांग विशेषकर निजी खपत में सुधार नजर आयेगा।
केंद्रीय बैंक ने आगे भी ब्याज दरों में कटौती के संकेत दिए हैं।

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