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चमकी से बीमार दो में से एक की मौत, सदर अस्पताल बना मौत का अस्पताल

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समस्तीपुर। सदर अस्पताल में चमकी बीमारी से बीमार बच्चों का मौत का तांडव जारी रहते हुए शुक्रवार को 9वाँ बीमार बच्चे की मौत से अस्पताल के व्यवस्था हिल गया है। बताते चले कि सदर अस्पताल में चमकी बीमारी से मौत और रेफर के खेल पर डीएम चन्द्रशेखर सिंह ने जिले के सभी पीएस सहित सदर अस्पताल के सीएस सियाराम मिश्र और डीस के साथ बैठक की बैठक में डीएम श्री सिंह ने कहा कोई भी बहाना नहीं चलेगा बीमारी का कारण और उसकी समस्या का निदान निकालें नहीं तो सभी डाक्टरों पर कारवाई किया जायेगा। मालूम हो की शुक्रवार को दो चमकी के बिमारी के मरीज को इलाज के लिए लाया गया जिसमें माधोपुर दिघरुआ निवासी मो० शहजाद के दो वर्षीय पुत्री शोहरत प्रवीण और दूसरा विभूतिपुर प्रखंड के आलमपुर पंचायत के राजेश कुमार के आठ वर्षीय पुत्री को सदर अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया डाक्टर ने इलाज के नाम पर खाना पूर्ति कर उस बच्ची को दरभंगा रेफर कर दिया एम्बुलेंस से दरभंगा ले जाने के क्रम में कल्याणपुर के पास बच्ची ने जिंदगी और मौत से जंग लड़ते हुए दम तोड़ दी। वहीं शोहरत प्रवीण जिंदगी और मौत से जंग लड़ रही है। लोगों की दुआ इस बच्ची के साथ है। आज सदर अस्पताल एक नाम का सरकारी सदर अस्पताल के रुप में रह गया है। यहां जिंदगी बचाया नहीं जाता ,यहां जिंदगी के साथ खिलवार किया जाता है। अगर यहां के डाक्टरों को तबादला नहीं किया जायेगा तो न जाने और कितने मासूम बच्चे की जान यहां जा सकती है।

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